गाजा की खामोशी में गूंजती चीखें
2025 के वर्ल्ड प्रेस फोटो ऑफ द ईयर अवार्ड ने एक बार फिर साबित किया है कि एक तस्वीर हज़ार शब्दों से भी ज़्यादा कह सकती है। इस साल की विजेता तस्वीर है – 9 साल के फिलिस्तीनी लड़के महमूद अज्जौर की, जिसने गाजा में हुए इजरायली हमले में अपने दोनों हाथ खो दिए।
यह हृदयविदारक तस्वीर गाजा की पत्रकार समर अबू एलौफ द्वारा खींची गई थी, जो अब न्यूयॉर्क टाइम्स के लिए काम कर रही हैं। इस तस्वीर को देखते ही आंखें नम हो जाती हैं और दिल भारी हो जाता है – एक मासूम चेहरा, भविष्य की अनिश्चितता, और एक बिखरी हुई दुनिया की झलक।
“मैं अब तुम्हें कैसे गले लगाऊंगा?”
अबू एलौफ ने बताया कि महमूद की मां ने जब पहली बार बेटे की हालत देखी, तो सबसे बड़ी तकलीफ उस वक़्त हुई जब महमूद ने मासूमियत से कहा – “अब मैं तुम्हें कैसे गले लगाऊंगा?”
यह एक मां-बेटे के रिश्ते की उस गहराई को दिखाता है, जिसे न तो युद्ध समझता है और न ही हथियार।
गाजा: जहां बचपन भी जंग के मलबे में दबा है
महमूद को हमले के बाद इलाज के लिए दोहा, कतर ले जाया गया। वहां उनका इलाज जारी है, लेकिन मन और शरीर पर पड़े ज़ख्मों का इलाज शायद ही कभी मुमकिन हो। गाजा पर इजरायली हमलों में अब तक 51,000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं और हजारों घायल हुए हैं।
समर अबू एलौफ अब दोहा में रह रही हैं और वहां आने वाले घायल फिलिस्तीनियों की कहानियों को दुनिया तक पहुंचा रही हैं।
तस्वीर जो सिर्फ एक बच्चा नहीं, पूरी पीढ़ी की कहानी कहती है
वर्ल्ड प्रेस फोटो की कार्यकारी निदेशक जुमाना एल जीन खोरी के शब्दों में:
“यह एक शांत तस्वीर है, जो बहुत ज़ोर से बोलती है। यह सिर्फ महमूद की नहीं, बल्कि एक पूरी पीढ़ी की आवाज़ है, जो युद्ध में खो रही है।”
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