ईरान की राजधानी तेहरान इस समय एक गहरे संकट से गुजर रही है। रविवार को इज़राइल द्वारा किए गए सिलसिलेवार हमलों ने शहर के प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों और आम इलाकों को हिला कर रख दिया। बताया जा रहा है कि खुफिया मंत्रालय, पुलिस मुख्यालय, और नीरू हवाई क्षेत्र में स्थित कई इमारतें मिसाइल हमलों की चपेट में आ गईं।
हमलों के बाद शहर में दहशत का माहौल है और बड़ी संख्या में नागरिक राजधानी छोड़ने लगे हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी भीड़ देखी जा रही है।
सरकारी प्रतिष्ठान बने निशाना
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खाजे अब्दुल्लाह स्ट्रीट पर स्थित ईरानी खुफिया मंत्रालय की इमारत को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी गईं। वहीं, एक अन्य धमाका तेहरान पुलिस मुख्यालय के समीप हुआ। सोशल मीडिया और स्वतंत्र वीडियो रिपोर्टों में यह स्पष्ट देखा जा सकता है कि नीरू एयर ज़ोन के आसपास की कई इमारतें पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो चुकी हैं।
हालांकि जानमाल के नुकसान का पूरा ब्यौरा अब तक सामने नहीं आया है, लेकिन हमलों की तीव्रता को देखते हुए भारी क्षति की आशंका जताई जा रही है।
अमेरिका पर आरोप, कड़े जवाब की चेतावनी
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इन हमलों के पीछे अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इज़राइल अमेरिका की मर्जी के बिना इतनी बड़ी सैन्य कार्रवाई नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन यदि हमले जारी रहते हैं, तो देश जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा।
कैबिनेट बैठक के दौरान राष्ट्रपति ने कहा, “ईरान शांतिपूर्ण समाधान चाहता है, लेकिन यदि ज़रूरत पड़ी तो रिवोल्यूशनरी गार्ड्स पूरी ताक़त से पलटवार करेंगे।”
ड्रोन हमलों की बढ़ती संख्या और वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय
इज़राइल की वायु सेना ने दावा किया है कि रविवार को ईरान की ओर से लॉन्च किए गए दर्जनों ड्रोन को उसकी सुरक्षा प्रणाली ने समय रहते नष्ट कर दिया। जॉर्डन घाटी के ऊपर एक ड्रोन को मार गिराने की भी पुष्टि हुई है। यह दर्शाता है कि संघर्ष अब पहले से कहीं ज्यादा आक्रामक रूप ले चुका है।
एयरपोर्ट को लेकर मिली-जुली रिपोर्टें
तेहरान के खोमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमलों को लेकर विरोधाभासी खबरें सामने आ रही हैं। जहां एक ओर एयरपोर्ट प्रशासन ने किसी भी हमले से इनकार किया है, वहीं दूसरी ओर कुछ वीडियो फुटेज में हवाई अड्डे के समीप धुएं के बादल और विस्फोट देखे गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि हवाई अड्डे के आस-पास के क्षेत्र को शायद निशाना बनाया गया हो।
स्थिति अभी तनावपूर्ण, आगे क्या?
फिलहाल हालात बेहद अस्थिर हैं। इज़राइल और ईरान के बीच चल रहा यह टकराव केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की सुरक्षा पर असर डाल सकता है। आगामी दिनों में यदि हालात काबू में नहीं आए, तो यह संघर्ष और भी व्यापक रूप ले सकता है।
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