दुनिया के दो प्रमुख संघर्ष — रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान-इज़राइल टकराव — अब न सिर्फ जमीन पर बल्कि आसमान में भी दिखाई देने लगे हैं। वैश्विक हवाई यातायात पर इसका प्रभाव Flightradar24 की रिपोर्ट में साफ झलक रहा है।
✈️ तीन बड़े एयरस्पेस ‘खाली’ क्यों?
Flightradar24 द्वारा जारी हालिया हवाई ट्रैफिक मैप में तीन क्षेत्रों — ईरान, यूक्रेन और तिब्बत — के ऊपर का आकाश लगभग खाली नजर आता है। यह स्थिति जंग के कारण पैदा हुए सुरक्षा जोखिमों को दर्शाती है।
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यूक्रेन: रूस से चल रहे युद्ध के कारण 2022 से ही इसका हवाई क्षेत्र वाणिज्यिक उड़ानों के लिए बंद है।
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ईरान: हाल ही में इज़राइल द्वारा ईरान के अंदर किए गए सैन्य हमलों के कारण यहाँ भी हवाई क्षेत्र अस्थिर हो गया है।
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तिब्बत: संवेदनशील सैन्य गतिविधियों के चलते यह क्षेत्र लंबे समय से सीमित हवाई उपयोग में है।
📹 आसमान से गायब हुए विमान: एक टाइमलैप्स वीडियो की कहानी
Flightradar24 ने एक टाइमलैप्स वीडियो जारी किया है जिसमें 13 जून को हुए इज़राइली हमले के तुरंत बाद ईरानी एयरस्पेस से वाणिज्यिक विमानों की अचानक वापसी दिखती है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच उड़ानें तेजी से diverted हुईं और कई एयरलाइंस ने वैकल्पिक मार्गों का चयन किया।
🌐 क्यों है ये सब चिंताजनक?
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हवाई रास्ते बंद होने से न केवल फ्लाइट्स का संचालन प्रभावित होता है, बल्कि इससे वैश्विक सप्लाई चेन, व्यापार, और यात्रियों की सुरक्षा पर भी असर पड़ता है।
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लगातार युद्धों ने हवाई क्षेत्र को अब सिर्फ सैन्य अखाड़ा नहीं, बल्कि रणनीतिक संदेशवाहक बना दिया है।
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इन क्षेत्रों में सक्रिय सैन्य हमलों और हवाई सुरक्षा की अनिश्चितता के कारण एयरलाइंस जोखिम नहीं उठाना चाहतीं।
🔍 निष्कर्ष: तकनीक और जंग के बीच फंसा आसमान
ड्रोन, मिसाइल और हाई-टेक हथियारों के इस युग में अब युद्ध का असर सीधे आसमान पर भी साफ नजर आता है। ऐसे में ग्लोबल एयर ट्रैफिक अब न सिर्फ उड़ानों का नेटवर्क है, बल्कि दुनिया की बदलती भू-राजनीतिक हलचलों का एक रियल-टाइम मिरर बन चुका है।
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