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केंद्र सरकार के 1.2 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी और पेंशनर्स अब 8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे हैं। उनकी नजर इस पर टिकी है कि क्या यह आयोग भी 7वें वेतन आयोग की तरह जल्दी लागू होगा या नहीं।
7वां वेतन आयोग सबसे तेज
ऑल इंडिया अकाउंट्स कमेटी के महासचिव एचएस तिवारी का कहना है कि अब तक जितने भी वेतन आयोग आए हैं, उनमें 7वां वेतन आयोग सबसे तेज लागू हुआ था। हालांकि इसमें थोड़ा देरी जरूर हुई, लेकिन उसने तय समय से करीब दो महीने पहले ही रिपोर्ट सौंप दी थी।
पहले से तय था Terms of Reference
7वें वेतन आयोग में सबसे खास बात ये थी कि Terms of Reference (यानी किन बातों पर काम करना है) पहले ही तैयार कर लिया गया था। इसके बाद सरकार ने आयोग को डेढ़ साल में रिपोर्ट देने का लक्ष्य दिया और आयोग ने समय से पहले रिपोर्ट सौंप दी। सरकार ने भी तुरंत एक्शन लिया और उसे लागू कर दिया।
8वें वेतन आयोग की राह थोड़ी मुश्किल
एचएस तिवारी के अनुसार, 8वें वेतन आयोग को लेकर अभी भी कई जरूरी काम बाकी हैं। जैसे कि – आयोग के अध्यक्ष और सदस्य तय होना, Terms of Reference तय होना आदि। जब तक ये सब तय नहीं हो जाते, जनवरी 2026 तक इसे लागू कर पाना मुश्किल लग रहा है।
डिजिटल सिस्टम से काम हुआ आसान
तिवारी का कहना है कि अब कामकाज पहले की तरह मैनुअल नहीं है। सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) ने काम को आसान कर दिया है। इससे रिपोर्ट तैयार करने में कम समय लगता है। इस बात का फायदा 8वें वेतन आयोग को भी मिलेगा।
निष्कर्ष:
फिलहाल 8वें वेतन आयोग की घोषणा हो चुकी है, लेकिन जब तक जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह कहना मुश्किल है कि यह आयोग भी 7वें की तरह जल्दी लागू होगा या नहीं। कर्मचारी और पेंशनर्स को अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।
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