Related Articles
राजस्थान में शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के समायोजन का पैटर्न रातों-रात बदल दिया, जिससे सैकड़ों शिक्षक परेशान हैं। पिछले कुछ समय से काउंसलिंग के जरिए तबादले और नियुक्तियां होती थीं, लेकिन इस बार विभाग ने सीधे सूची बना कर समायोजन कर दिया। इसके कारण कई शिक्षक घर से 80-100 किमी दूर स्थित स्कूलों में भेज दिए गए हैं। अब ये शिक्षक जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से अपनी समस्याएं सुलझाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही।
माध्यमिक शिक्षा के तहत कई अधिशेष शिक्षकों को प्राथमिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा में समायोजित किया गया। इस प्रक्रिया में प्रदेशभर में हजारों शिक्षकों का समायोजन किया गया, लेकिन इस बार पुराने पैटर्न को बदल दिया गया। पहले काउंसलिंग में शिक्षक अपनी पसंद के स्कूल को चुन सकते थे, लेकिन अब विभाग ने बिना काउंसलिंग के सीधी सूची बना दी, जिससे कई शिक्षक असंतुष्ट हैं।
समायोजन के बाद कई शिक्षकों को नजदीकी स्कूलों में पदस्थ किया गया, जबकि कुछ को 50 से 100 किमी दूर भेज दिया गया। इसके बाद शिक्षकों को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपनी पोस्टिंग बदलवाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
जानकारों के अनुसार, समायोजन में शिक्षकों को उनके पास के विद्यालय या ब्लॉक में ही लगाया जाना चाहिए था, लेकिन कई शिक्षक गाइडलाइन के खिलाफ दूरदराज के स्कूलों में भेजे गए हैं। इस बदलाव को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। काउंसलिंग के बजाय समायोजन सूची जारी करना शिक्षकों के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है और गाइडलाइन का उल्लंघन भी हो रहा है।
बसंतकुमार जांणी, जिलाध्यक्ष, राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ (रेस्टा) ने इस बदलाव को गलत बताया और कहा कि काउंसलिंग में पारदर्शिता होती है, लेकिन सूची बनाकर समायोजन करने से विभागीय अधिकारियों की मनमर्जी चल रही है।
CHANNEL009 Connects India
