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भीलवाड़ा: राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल 16 से 30 दिसंबर तक भीलवाड़ा और शाहपुरा जिलों में अवैध चिमनी के ईंट भट्टों का सर्वे करेगा। इन भट्टों के बिना लाइसेंस चलने से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है और सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
जिले में कई ईंट भट्टे बिना जरूरी अनुमति के चल रहे हैं। खनिज विभाग और राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल से अनुमति लेना आवश्यक है, लेकिन कई भट्टे इस प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहे हैं। ये भट्टे मानकों को पूरा किए बिना चलाए जा रहे हैं और विभागीय अधिकारी कभी भी इनका निरीक्षण नहीं करते।
इसके अलावा, कई भट्टा मालिक सरकारी जमीन का दुरुपयोग कर रहे हैं और बिना एनओसी के भट्टे चला रहे हैं। इसके कारण पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, और खुले में ईंट पका रहे भट्टों से विषैले धुएं का असर लोगों की सेहत पर पड़ सकता है।
राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने सभी उपखंड अधिकारियों को पत्र भेजकर 16 से 30 दिसंबर तक सर्वे करने का निर्देश दिया है। टीम का गठन कर सर्वे किया जाएगा और अवैध भट्टों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। टीम का नोडल अधिकारी वरिष्ठ वैज्ञानिक हितेश कुमार उपाध्याय को नियुक्त किया गया है।
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