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उदयपुर। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. कर्ण सिंह का कहना है कि धारा 370 हटने के बाद कश्मीर में बदलाव आया है। अब ज्यादातर लोग समझ चुके हैं कि यह दोबारा लागू नहीं होगी।
राजनीति में शुचिता (ईमानदारी) जरूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपनी बात सोच-समझकर कहनी चाहिए। साथ ही महाराणा सांगा पर दिए गए विवादित बयान की कड़ी निंदा की। उदयपुर प्रवास के दौरान उन्होंने पत्रिका को दिए गए विशेष साक्षात्कार में कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी।
धारा 370 हटने के बाद क्या बदलाव आए?
डॉ. कर्ण सिंह ने कहा कि धारा 370 हटने के बाद जम्मू के लोगों ने इसे स्वीकार कर लिया, जबकि कश्मीर में कुछ विरोध था। हालांकि, अब वहां भी बाहरी विरोध लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन आंतरिक बदलाव हुआ या नहीं, यह कहना मुश्किल है।
राजनीति का मौजूदा परिदृश्य कैसा है?
उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि भारत के प्रजातंत्र की तुलना अगर यूरोप, अफ्रीका और बांग्लादेश से करें, तो भारत काफी स्थिर और मजबूत है। इससे दुनिया को भी फायदा हो रहा है।
महाराणा सांगा पर दिए बयान की निंदा
हाल ही में यूपी के राज्यसभा सदस्य रामजीलाल सुमन ने महाराणा सांगा को लेकर विवादित बयान दिया था। इस पर डॉ. कर्ण सिंह ने कहा, “यह बयान अभद्र है और इसकी कड़ी निंदा करता हूं। महाराणा सांगा का इतिहास सभी जानते हैं। राजनीति में जिम्मेदारी से बयान देना चाहिए।”
कांग्रेस की स्थिति पर राय
डॉ. सिंह ने कहा कि वे अब कांग्रेस में सक्रिय नहीं हैं, इसलिए सुझाव देना उचित नहीं होगा। लेकिन उन्होंने माना कि कांग्रेस की स्थिति पहले से बेहतर हुई है, खासतौर पर राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ से कांग्रेस को फायदा हुआ है। हालांकि, कांग्रेस को अभी और मेहनत करनी होगी।
क्या राजनीति में मूल्यों की गिरावट हो रही है?
डॉ. कर्ण सिंह ने कहा कि आज राजनीति में पैसों का बोलबाला हो गया है। चुनाव लड़ने के लिए करोड़ों खर्च करने पड़ते हैं, जिससे आम आदमी के लिए राजनीति में आना मुश्किल हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सदन में बहस की जगह अब ज्यादा हंगामा होने लगा है, जो लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।
क्या संविधान खतरे में है?
कांग्रेस लंबे समय से यह मुद्दा उठा रही है कि संविधान खतरे में है। इस पर डॉ. सिंह ने कहा, “इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ हुआ नहीं है। हमारा लोकतंत्र सुरक्षित है और संविधान में जरूरत पड़ने पर बदलाव भी संभव है।”
युवाओं के लिए संदेश
डॉ. कर्ण सिंह ने युवाओं से अपील की कि वे खुद को योग्य बनाएं और देश को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि हिंसा, नफरत और नशे से दूर रहें, साथ ही बाहरी जीवन के साथ अपने आंतरिक जीवन को भी संवारें।
भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या?
उन्होंने कहा कि देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती गरीबी है। जवाहरलाल नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी तक सभी सरकारों ने गरीबी हटाने का लक्ष्य रखा, लेकिन यह अब तक पूरी तरह खत्म नहीं हुई। गरीबी दूर करने के लिए सटीक रणनीति और ठोस प्रयासों की जरूरत है।
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