स्थानीय लोग सड़कों पर उतरे, शवों के साथ किया विरोध प्रदर्शन
पाकिस्तान के संकटग्रस्त बलूचिस्तान प्रांत से एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ज़ियारत जिले के चोटीयार इलाके में मंगलवार को सात नागरिकों के शव मिले हैं, जिन्हें बेरहमी से गोलियों से छलनी किया गया था। इस वीभत्स वारदात ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर दौड़ा दी है।
लाइन में खड़ा कर मारी गई गोलियां
ज़ियारत के डिप्टी कमिश्नर ज़काउल्लाह दुर्रानी ने जानकारी दी कि सुबह के समय एक निर्जन क्षेत्र में इन शवों को बरामद किया गया। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि सभी लोगों को एक साथ लाइन में खड़ा कर गोलियों से भून दिया गया। पुलिस ने आशंका जताई है कि यह सुनियोजित हत्या है।
घटनास्थल पर उग्र विरोध
जैसे ही शवों की खबर फैली, बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक घटनास्थल पर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने चोटीयार और ज़ियारत को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। प्रशासन प्रदर्शनकारियों को शांत करने और मार्ग को खाली कराने के प्रयास में लगा हुआ है।
बलूचिस्तान में लाशें मिलना आम बात बन चुकी है
बलूचिस्तान लंबे समय से हिंसा और विद्रोह का गढ़ बना हुआ है। यहां समय-समय पर अज्ञात लोगों की लाशें मिलती रही हैं, जो अक्सर गोलियों से छलनी होती हैं। क्षेत्र में बलूच अलगाववादी संगठनों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच टकराव आम है।
हालिया हमलों की पृष्ठभूमि
कुछ ही दिन पहले क्वेटा के पास हुए बम धमाके में चार लोगों की जान चली गई थी, जिनमें एक धार्मिक नेता और एक बच्चा भी शामिल था। वहीं, बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) की मजीद ब्रिगेड ने तुर्बत में एक आत्मघाती हमला कर 47 पाकिस्तानी जवानों को मौत के घाट उतार दिया था। इससे पहले कलात जिले में सैन्य शिविर पर हुए हमले में भी 17 सैनिक मारे गए थे।
बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा न केवल क्षेत्रीय अस्थिरता को दर्शाती है, बल्कि वहां के आम नागरिकों की असुरक्षा और पीड़ा को भी उजागर करती है।
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