नई दिल्ली/कनाडा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अपने तीन देशों के दौरे के तहत कनाडा के अल्बर्टा प्रांत के कनानास्किस पहुंच चुके हैं, जहां वे G7 के 51वें शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दुनियाभर में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है, विशेष रूप से ईरान-इजरायल टकराव और रूस-यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि में।
साइप्रस के दौरे के बाद कनाडा पहुंचे पीएम
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने साइप्रस का दौरा किया, जहां उन्होंने राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स के साथ व्यापक वार्ता की और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय ने इस दौरे को “स्मरणीय” करार दिया। पीएम मोदी के इस यात्रा कार्यक्रम में साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया शामिल हैं, जहां से वे अगला कदम क्रोएशिया की ओर बढ़ाएंगे।
G7 समिट में वैश्विक चुनौतियों पर होगी चर्चा
इस बार के G7 सम्मेलन में चर्चा के केंद्र में तीन अहम विषय रहेंगे:
-
वैश्विक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
-
ऊर्जा और डिजिटल तकनीकों में तेज़ी लाना
-
भविष्य की रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करना
प्रधानमंत्री मोदी सम्मेलन के आउटरिच सेशन में अपने विचार रखेंगे और ऊर्जा, नवाचार, AI, और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत की भूमिका और दृष्टिकोण साझा करेंगे।
ट्रंप से मुलाकात की संभावना क्षीण
हालांकि, एक बड़ा घटनाक्रम यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सम्मेलन को अचानक बीच में ही छोड़ने का फैसला किया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने जानकारी दी कि ट्रंप ने यह निर्णय मध्य पूर्व में तेजी से बिगड़ते हालात के कारण लिया है।
ऐसे में पीएम मोदी और ट्रंप के बीच प्रत्यक्ष मुलाकात की संभावना बेहद कम रह गई है।
कनाडा के साथ संबंधों में नया अध्याय
G7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी तय है। यह मुलाकात खास मानी जा रही है, क्योंकि हाल ही में दोनों देशों के रिश्तों में खालिस्तान मुद्दे को लेकर खिंचाव आया था। अब माना जा रहा है कि दोनों देशों के शीर्ष नेता संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं।
यूक्रेन और मेक्सिको भी सम्मेलन में शामिल
इस शिखर बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और मेक्सिको के राष्ट्रपति को भी आमंत्रित किया गया है। ये देश G7 के सदस्य नहीं हैं, लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए इन्हें आमंत्रित नेताओं की सूची में शामिल किया गया है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पीएम का पहला अंतरराष्ट्रीय मंच
यह सम्मेलन प्रधानमंत्री मोदी की पहली बहुपक्षीय उपस्थिति है, जो पाकिस्तान में हुए सफल आतंकवाद विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद हो रही है। इस लिहाज से भी यह दौरा रणनीतिक और राजनीतिक दोनों दृष्टियों से बेहद अहम माना जा रहा है।
CHANNEL009 Connects India
