2014 में यूक्रेन के आसमान में गिराए गए मलेशियाई विमान MH17 को लेकर एक नई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। ग्लोबल एविएशन काउंसिल की जांच में सामने आया है कि इस नागरिक विमान को रूसी मिसाइल प्रणाली द्वारा निशाना बनाया गया था। हादसे में 298 यात्रियों की जान चली गई थी।
रूस पर सीधा आरोप, रिपोर्ट से बढ़ी न्याय की उम्मीद
ग्लोबल एविएशन काउंसिल ने मंगलवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि मलेशियन एयरलाइंस की उड़ान संख्या MH17 को रूस द्वारा उपलब्ध कराए गए हथियारों से गिराया गया। विमान ऐम्स्टर्डैम से कुआलालंपुर जा रहा था जब 17 जुलाई 2014 को वह पूर्वी यूक्रेन के एक युद्धग्रस्त इलाके में मार गिराया गया। इस क्षेत्र पर उस समय रूस समर्थित अलगाववादी गुटों का नियंत्रण था।
रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने शिकागो कन्वेंशन का उल्लंघन किया है, जिसमें स्पष्ट निर्देश है कि नागरिक विमानों पर हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया की कार्रवाई
MH17 हादसे में न्याय की मांग करते हुए नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने 2022 में मॉन्ट्रियल स्थित ग्लोबल एविएशन काउंसिल के कार्यालय में रूस के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज करवाई थी। मंगलवार को आए रिपोर्ट के निष्कर्षों का इन दोनों देशों ने स्वागत किया है। रिपोर्ट के बाद पीड़ितों के परिजनों को मुआवज़े की उम्मीद फिर से जगी है।
पीड़ित परिजनों की प्रतिक्रिया
अपने बेटे को खो चुके डच नागरिक थॉमस शैंसमैन ने कहा, “यह रिपोर्ट साफ करती है कि रूस दोषी है। इससे मुआवज़े की उम्मीद तो बढ़ती है, लेकिन हम चाहते हैं कि जिम्मेदार देश अपनी गलती भी माने। पैसा जान की भरपाई नहीं कर सकता।”
रूस ने जताई असहमति
क्रेमलिन ने रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि “इस जांच में रूस को शामिल नहीं किया गया, इसलिए इसके निष्कर्षों को हम मान्यता नहीं देंगे।” रूस पहले भी कई बार MH17 हादसे में अपनी भूमिका से इनकार करता रहा है और जांच को ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बताता आया है।
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