नई दिल्ली/सिंगापुर:
हाल ही में भारत द्वारा पीओके में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई यानी “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर पाकिस्तान के शीर्ष सैन्य अधिकारी जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दक्षिण एशिया में शांति बनाए रखने के लिए कश्मीर मुद्दे के समाधान की वकालत की और चेताया कि ऐसे विवाद अगर दबाए जाते रहे, तो यह विनाशकारी संघर्ष में बदल सकते हैं।
“संकट का समाधान जरूरी, नहीं तो हो सकती है तबाही”
सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग 2025 में बोलते हुए जनरल मिर्जा ने कहा कि अब वक्त आ गया है जब सिर्फ टकराव पर नियंत्रण नहीं, बल्कि उसका स्थायी समाधान तलाशा जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि दबे हुए क्षेत्रीय या वैचारिक विवाद अनिश्चितकाल तक नहीं सुलझाए जा सकते।
कश्मीर विवाद का अंतरराष्ट्रीय मंच पर उल्लेख
जनरल मिर्जा ने कहा कि दक्षिण एशिया में शांति का रास्ता कश्मीर मुद्दे के समाधान से होकर गुजरता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप हल किया जाना चाहिए। उन्होंने यह बयान भारत द्वारा 7 मई को पीओके में आतंकवादियों के खिलाफ की गई सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में दिया, जिसमें 9 आतंकी अड्डे तबाह हुए और 26 आतंकवादी मारे गए।
भारत के साथ सीमाओं पर बढ़ा तनाव
मिर्जा ने कहा कि इस बार भारत-पाक के बीच सैन्य झड़प सीमित क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय सीमा तक फैल गई, जो पहले 1965 और 1971 की लड़ाइयों में नहीं हुआ था। उन्होंने यह भी माना कि मौजूदा हालात में दोनों देशों के बीच संवाद का एकमात्र माध्यम केवल DGMO हॉटलाइन है।
“संपर्क बढ़ाओ, युद्ध नहीं” – मिर्जा की नसीहत
पाक जनरल का मानना है कि अगर समय रहते बातचीत और कूटनीतिक प्रयास नहीं किए गए, तो आने वाला समय क्षेत्र के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा, “संकट को रोकना उससे लड़ने से बेहतर है।”
पृष्ठभूमि – क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 7 मई को “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया था। इस जवाबी हमले में भारत ने पीओके और पाकिस्तान में स्थित आतंकी लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया। इसके बाद भारत-पाक के बीच चार दिन तक सीमित संघर्ष हुआ, जो 10 मई को सीज़फायर के साथ समाप्त हुआ।
CHANNEL009 Connects India
