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फ्रेंच फ्राइज क्रिस्पी, गोल्डन और हर उम्र के लोगों की पसंदीदा स्नैक है। बर्गर के साथ हो या फिश एंड चिप्स में, यह हर जगह खाई जाती है। नाम से लगता है कि यह फ्रांस का है, लेकिन असल में फ्रेंच फ्राइज की शुरुआत बेल्जियम में हुई थी।
फ्रेंच फ्राइज की असली कहानी
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1600 के दशक के अंत में बेल्जियम के म्यूज वैली इलाके के गरीब लोग नदी से छोटी मछलियां पकड़कर तलकर खाते थे।
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सर्दियों में जब नदी जम जाती थी और मछली नहीं मिलती थी, तब उन्होंने आलू को मछली की तरह काटकर तला। यही फ्रेंच फ्राइज की शुरुआत मानी जाती है।
दुनिया में अलग-अलग अंदाज
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बेल्जियम: फ्राइज को मसल्स (शेलफिश) या फ्राइड एग के साथ खाया जाता है।
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ब्रिटेन: फिश एंड चिप्स में फ्राइज जरूरी हैं।
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मिडिल ईस्ट: पीटा ब्रेड, शावरमा और फिलिंग्स के साथ परोसा जाता है।
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कनाडा: मशहूर डिश पुटीन में फ्राइज पर चीज कर्ड्स और ब्राउन ग्रेवी डाली जाती है।
अमेरिका तक कैसे पहुंचे फ्राइज?
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प्रथम विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिक बेल्जियम में तैनात थे। वहां फ्रेंच भाषा बोलने के कारण उन्होंने इसे “फ्रेंच फ्राइज” कहना शुरू किया।
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19वीं सदी में अमेरिकी राष्ट्रपति थॉमस जेफरसन ने इसे अपनी लिखावट में ‘Pommes de terre frites en petites tranches’ के रूप में लिखा।
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1850 के बाद इसे अमेरिकी कुकबुक्स में “French Fried Potatoes” कहा जाने लगा।
कुछ दिलचस्प बातें
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बेल्जियम में दुनिया का पहला French Fry Museum है।
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अमेरिका में हर साल 13 जुलाई को National French Fry Day मनाया जाता है।
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2014 में बेल्जियम ने फ्रेंच फ्राइज को अपनी सांस्कृतिक विरासत बनाने की कोशिश की।
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बेल्जियम में लगभग 5,000 छोटे-छोटे फ्रिटकोट (फ्राइज स्टॉल) हैं, जहां पारंपरिक तरीके से पेपर कोन में फ्राइज बेची जाती है।
फ्रेंच फ्राइज भले ही दुनिया भर में मशहूर हो गया हो, लेकिन इसका असली जन्म बेल्जियम में हुआ था।
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