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बिहार विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन सोमवार को भारी हंगामा हुआ। विवाद दिवंगत नेता रामविलास पासवान पर की गई एक टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायकों ने इस बयान का कड़ा विरोध किया और इसे सम्मान से जुड़ा मामला बताया।
क्या है पूरा मामला?
राजद के विधायक कुमार सर्वजीत ने रामविलास पासवान के लिए “बेचारा” शब्द का इस्तेमाल किया था। इसी बयान को लेकर लोजपा (रा.) के विधायक नाराज हो गए। उन्होंने सदन के अंदर और बाहर नारेबाजी की। “RJD की पहचान, दलितों का अपमान” जैसे नारों से विधानसभा गूंज उठी।
लोजपा (रा.) का विरोध
लोजपा (रा.) के विधायक राजू तिवारी ने कहा कि रामविलास पासवान का 50 साल का साफ-सुथरा राजनीतिक जीवन रहा है। उन्हें “बेचारा” कहना उनका और दलित समाज का अपमान है। विधायकों ने पोस्टर दिखाकर भी विरोध जताया और राजद नेता तेजस्वी यादव के खिलाफ नारे लगाए।
राजद की सफाई
राजद के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि “बेचारा” कोई गाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए इस मामले को बढ़ा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राजद इस मुद्दे पर मजबूती से खड़ा है।
सीटों को लेकर बयान
हंगामे के बीच लोजपा (रा.) की विधायक बेबी कुमारी ने कहा कि राजद इस समय 25 सीटें लेकर आई है, लेकिन घमंड का नतीजा यह होगा कि अगली बार वह शून्य पर आ जाएगी। उन्होंने कहा कि उनके 19 विधायक भी राजद के सामने झुकने वाले नहीं हैं।
स्पीकर के हस्तक्षेप के बाद स्थिति संभली
लगातार हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही कई बार रुकी। स्पीकर के दखल के बाद ही सदन में शांति हुई और आगे की कार्यवाही शुरू हो सकी। सत्ताधारी पक्ष अब इस मामले में विपक्ष से बिना शर्त माफी की मांग कर रहा है।
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