चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने IPL 2025 सीजन के बीच में साउथ अफ्रीका के युवा बल्लेबाज़ डेवाल्ड ब्रेविस को टीम में शामिल करने पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया है। फ्रेंचाइजी ने साफ कहा है कि यह सौदा पूरी तरह लीग के नियमों के मुताबिक किया गया था और किसी भी तरह का नियम उल्लंघन नहीं हुआ।
टीम इंडिया के स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर दावा किया था कि CSK ने ब्रेविस को उनकी असल कीमत से ज़्यादा पैसे देकर साइन किया है। अश्विन के मुताबिक, ब्रेविस का एजेंट इस बात पर अड़ा था कि खिलाड़ी तभी सीजन खेलेगा जब उसे तय रकम से ज़्यादा मिले। उन्होंने यह भी कहा कि 2-3 और टीमें ब्रेविस को लेना चाहती थीं, लेकिन वे अतिरिक्त रकम नहीं दे पाने की वजह से पीछे हट गईं।
IPL के नियम साफ बताते हैं कि अगर किसी चोटिल खिलाड़ी की जगह रिप्लेसमेंट लिया जाता है, तो उसे उसी रकम पर साइन किया जाएगा जिस कीमत पर चोटिल खिलाड़ी खरीदा गया था। उससे ज़्यादा फीस देकर किसी खिलाड़ी को टीम में नहीं जोड़ा जा सकता। इसके अलावा, जब कोई खिलाड़ी सीजन के बीच में आता है तो उसे पूरे पैसे नहीं मिलते। उसकी सैलरी मैचों की संख्या के हिसाब से तय होती है।
CSK ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने ब्रेविस को अप्रैल 2025 में 2.2 करोड़ रुपये में साइन किया था। यह वही रकम है जिस कीमत पर तेज गेंदबाज़ गुरजपनीत सिंह को मेगा ऑक्शन में खरीदा गया था। गुरजपनीत चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे और उनकी जगह ब्रेविस को टीम में लाया गया। फ्रेंचाइजी ने कहा कि यह प्रक्रिया IPL प्लेयर रेगुलेशंस 2025-27 के क्लॉज 6.6 के तहत पूरी तरह से वैध थी। यानी ब्रेविस को गुरजपनीत की बराबर कीमत पर ही कॉन्ट्रैक्ट मिला।
डेवाल्ड ब्रेविस को सीजन के बीच में मौका मिला और उन्होंने 6 मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 2 शानदार अर्धशतक लगाए और टीम को अहम मौकों पर अच्छे रन दिए। उनकी परफॉर्मेंस से यह साफ हो गया कि CSK का उन पर भरोसा करना सही फैसला था।
IPL 2025 के मेगा ऑक्शन में ब्रेविस को किसी भी टीम ने नहीं खरीदा था। लेकिन जैसे ही गुरजपनीत चोटिल होकर बाहर हुए, CSK ने तुरंत उन्हें रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल कर लिया। यही वजह थी कि इस सौदे पर सवाल उठे, लेकिन अब फ्रेंचाइजी ने स्पष्ट कर दिया है कि सब कुछ नियमों के हिसाब से हुआ।
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