गाज़ा सिटी/खान यूनिस – गाज़ा में जारी संघर्ष के बीच हमास ने इज़रायली सेना पर एक बड़ा हमला किया है, जिसमें तीन इज़रायली सैनिक मारे गए हैं। इज़रायली सेना ने मंगलवार को इस नुकसान की पुष्टि की और बताया कि यह घटना गाज़ा पट्टी के उत्तरी हिस्से में सोमवार को हुई थी।
जबालिया में हुआ धमाका, तीन सैनिकों की जान गई
सेना ने सार्वजनिक बयान में कहा कि उत्तरी गाज़ा के जबालिया क्षेत्र में सैनिक एक अभियान पर थे, तभी एक विस्फोटक हमले में तीन जवानों की मौत हो गई। हालांकि, सेना ने इस हमले के विवरण साझा नहीं किए हैं। इज़रायली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह हमला जमीन के नीचे या आसपास बिछाए गए विस्फोटकों के ज़रिए किया गया।
युद्धविराम टूटने के बाद सबसे बड़ा हमला
मार्च 2025 में युद्धविराम के टूटने के बाद यह अब तक का सबसे घातक हमला माना जा रहा है। इज़रायल ने युद्धविराम तोड़ने के लिए हमास को ज़िम्मेदार ठहराया था। बताया गया कि बंधकों की रिहाई से जुड़ी बातचीत में गतिरोध आने के बाद हालात फिर से हिंसक हो गए। हमास ने समझौते की शर्तों में बदलाव से इनकार कर दिया था।
संघर्ष की पृष्ठभूमि: कैसे भड़का युद्ध?
इस युद्ध की शुरुआत 7 अक्टूबर 2023 को उस समय हुई थी जब हमास के लड़ाकों ने दक्षिणी इज़रायल में अचानक हमला कर दिया था। इस हमले में लगभग 1,200 नागरिक मारे गए और 250 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया गया था। अब भी करीब 58 बंधक हमास की कैद में हैं, जिनमें से कुछ के जीवित होने की संभावना जताई गई है।
गाज़ा में भारी मानवीय क्षति
गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, युद्ध शुरू होने से अब तक 54,000 से अधिक फिलीस्तीनियों की मौत हो चुकी है। मृतकों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इज़रायली सेना का दावा है कि उसका निशाना केवल आतंकी ठिकाने हैं, लेकिन जमीन पर मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है।
निष्कर्ष
हमास द्वारा किए गए हालिया हमले से यह साफ है कि गाज़ा संघर्ष अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि उसमें नए मोड़ आ रहे हैं। इज़रायली सैनिकों की मौत से यह भी संकेत मिलता है कि मिलिटेंट ग्रुप्स अब भी सक्रिय और घातक रणनीति के साथ काम कर रहे हैं।
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