इस्लामाबाद/तेहरान: इज़रायल और ईरान के बीच तेज़ होती लड़ाई के बीच अब पाकिस्तान की भूमिका को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। खुफिया सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान, मीडियम-रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल शाहीन-III को ईरान को देने की तैयारी कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम इज़रायल के खिलाफ सैन्य सहयोग बढ़ाने के अलावा, भारत को रणनीतिक दबाव में लाने की मंशा से भी उठाया जा रहा है।
🔥 क्या है शाहीन-III मिसाइल?
पाकिस्तान की यह मिसाइल प्रणाली 2,750 किलोमीटर तक मार कर सकती है। यह ईरान के मौजूदा मिसाइल कार्यक्रम को और धार देने में सक्षम हो सकती है, खासकर तब, जब ईरान इज़रायल से सीधा सैन्य टकराव झेल रहा है। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान यह मिसाइल प्रणाली केवल इज़रायल के खिलाफ इस्तेमाल के लिए ही नहीं, बल्कि भारत को सामरिक रूप से उलझाए रखने के लिए भी भेज सकता है।
🛑 ईरान-पाकिस्तान मिलिट्री संबंधों में तेजी
सूत्रों का दावा है कि ईरान और पाकिस्तान के बीच हथियार और तकनीक का आदान-प्रदान बढ़ा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी खुले मंचों पर ईरान के समर्थन में बयान दिए हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ईरान की सुरक्षा और आत्मरक्षा के अधिकार को समर्थन देने की बात कही है।
⚠️ भारत के लिए नया रणनीतिक सिरदर्द?
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान का यह कदम भारत के लिए चिंता का विषय है। यह आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान ईरान से निकटता बढ़ाकर भारत की पश्चिमी सीमा पर सैन्य दबाव बनाने की कोशिश कर सकता है। यदि ईरान और पाकिस्तान का यह कथित सैन्य गठजोड़ मजबूत होता है, तो भारत को अपनी सामरिक योजनाएं फिर से विचारने की आवश्यकता पड़ सकती है।
🕊️ OIC को साथ लाने की कोशिश
पाकिस्तान ने मुस्लिम देशों के संगठन OIC से भी तत्काल बैठक बुलाने की अपील की है, ताकि इज़रायल के खिलाफ इस्लामी देशों की एकजुटता सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही पाकिस्तान ने उन देशों से भी अपने संबंध खत्म करने की अपील की है, जो इज़रायल से कूटनीतिक रिश्ते बनाए हुए हैं।
🗣️ पाकिस्तान का संदेश – “हर हाल में ईरान के साथ”
शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत में यह दोहराया कि पाकिस्तान सभी स्तरों पर ईरान का समर्थन करेगा। उन्होंने इज़रायल के हमलों की निंदा करते हुए कहा कि उनका देश संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत ईरान के आत्मरक्षा के अधिकार को जायज़ मानता है।
👉 निष्कर्ष:
पाकिस्तान की ओर से उठाए जा रहे इन क़दमों ने क्षेत्रीय अस्थिरता को और गहरा कर दिया है। अगर यह रिपोर्ट सही साबित होती है तो दक्षिण एशिया की सुरक्षा रणनीति में भारी बदलाव आ सकता है। भारत को अब दो मोर्चों पर खतरे के लिए और सतर्क रहना होगा।
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