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नई दिल्ली – इस साल NEET UG 2025 में 23 लाख से ज्यादा छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। खास बात यह है कि हिंदी माध्यम में परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले 6 सालों में यह संख्या दोगुनी हो गई है।
हिंदी में परीक्षा देने वालों की संख्या बढ़ी
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2019 में सिर्फ 1.69 लाख छात्रों ने हिंदी में परीक्षा दी थी।
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2024 में यह संख्या बढ़कर 3.57 लाख हो गई।
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अंग्रेजी के बाद हिंदी दूसरी सबसे ज्यादा चुनी जाने वाली भाषा है।
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इसके अलावा, तमिल, बंगाली, कन्नड़ और तेलुगू में भी परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या बढ़ रही है।
4 मई को होगी परीक्षा, 23 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन
इस बार 4 मई को होने वाली NEET परीक्षा के लिए 23 लाख से ज्यादा छात्रों ने आवेदन किया है। परीक्षा 13 भाषाओं में आयोजित की जाती है, जिनमें अंग्रेजी, हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मराठी आदि शामिल हैं।
हिंदी माध्यम क्यों चुन रहे हैं ज्यादा छात्र?
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मेडिकल एजुकेशन में क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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हिंदी माध्यम में परीक्षा देने वाले छात्रों को फायदा होता है, क्योंकि प्रश्न हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में आते हैं।
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अगर हिंदी में कोई प्रश्न समझ नहीं आता, तो छात्र अंग्रेजी में देख सकते हैं।
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सीजी बोर्ड में हिंदी और अंग्रेजी दोनों में पढ़ाई होती है, जबकि CBSE में केवल अंग्रेजी माध्यम है।
बंगाली भाषा में भी बढ़ी रुचि
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2018 में सिर्फ 4,750 छात्रों ने बंगाली में परीक्षा दी थी।
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2024 में यह संख्या बढ़कर 48,000 हो गई।
सीनियर मेडिकल एक्सपर्ट डॉ. युसूफ मेमन के अनुसार, हिंदी में परीक्षा देने वालों की संख्या इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि अंग्रेजी के साथ हिंदी में सवाल समझना आसान हो जाता है। इससे हिंदी माध्यम के छात्रों को फायदा मिलता है।
इस साल NEET UG 2025 में परफेक्ट स्कोर हासिल करना और कठिन चुनौती हो सकता है, क्योंकि प्रतियोगिता लगातार बढ़ रही है।
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