रियाद – सऊदी अरब सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत 14 देशों के लिए ब्लॉक वर्क वीजा पर लगी अस्थायी रोक को हटाने का फैसला किया है। यह निर्णय हज-2025 के बाद प्रभावी होगा और इससे लाखों प्रवासी श्रमिकों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
इन 14 देशों को मिलेगा सीधा लाभ
जिन देशों के लिए यह रोक हटाई गई है, उनमें शामिल हैं:
भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, इराक, जॉर्डन, मोरक्को, नाइजीरिया, सूडान, ट्यूनीशिया, यमन और अल्जीरिया।
ब्लॉक वर्क वीजा क्या होता है?
ब्लॉक वर्क वीजा सऊदी अरब की एक विशेष प्रणाली है जिसके तहत कंपनियों को एक तय सीमा में विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की अनुमति दी जाती है। इसका उपयोग मुख्यतः बड़े निर्माण, सेवा और औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है जहां बड़ी संख्या में कामगारों की जरूरत होती है। यह वीजा प्रक्रिया को तेज, संगठित और पूर्व-अनुमोदित ढांचे के तहत संचालित करता है।
क्यों लगाई गई थी रोक?
जनवरी 2025 में हज सीजन के दौरान भीड़भाड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए इस वीजा कोटा पर अस्थायी रोक लगाई गई थी। पिछले हज सीजन में गर्मी और रजिस्ट्रेशन के बाहर तीर्थयात्रियों की अधिकता के कारण भारी अव्यवस्था देखी गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई लोगों की मौतें भी इसी अव्यवस्थित भीड़ के कारण हुईं थीं, जिनमें वर्क वीजा धारक भी शामिल थे जो बिना वैध हज अनुमति के पहुंच गए थे।
अब क्या बदलेगा?
रोक हटने के साथ ही अब उन हजारों कुशल श्रमिकों को राहत मिलेगी जिनकी नियुक्तियां हज प्रतिबंध के कारण स्थगित हो गई थीं। खासकर भारत के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि सऊदी अरब में 26 लाख से अधिक भारतीय नागरिक काम कर रहे हैं और हर साल हजारों नए कामगार इस खाड़ी देश में रोजगार की तलाश में जाते हैं।
सऊदी अरब में भारतीय प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इस फैसले से प्रवासी कामगारों के लिए फिर से नए अवसरों के द्वार खुलेंगे।
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