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नागौर: अब राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की हाजरी ऑनलाइन ऐप से ली जाएगी। यह व्यवस्था शिक्षा विभाग ने इसलिए की है ताकि बच्चों का नियमित स्कूल आना सुनिश्चित किया जा सके और जो छात्र लगातार गैरहाजिर रहते हैं, उनकी जानकारी तुरंत मिल सके।
क्यों लाई गई यह नई व्यवस्था?
शिक्षा विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति फर्जी तरीके से दर्ज की जाती है। इस पर रोक लगाने और मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के तहत अब सभी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति मोबाइल ऐप से दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है।
कब और कैसे होगी हाजरी?
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अब हर दिन प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों की हाजरी मोबाइल ऐप से ली जाएगी।
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ऐप में तीन विकल्प दिए गए हैं:
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बीमारी के कारण गैरहाजिरी
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स्वीकृत छुट्टी
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बिना सूचना के अनुपस्थित
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इस डेटा को शाला दर्पण पोर्टल पर सीधे फीड किया जाएगा, जिससे ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर तक बच्चों की उपस्थिति की जानकारी पहुंच सकेगी।
कितने स्कूल और छात्र होंगे शामिल?
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नागौर और डीडवाना-कुचामन जिलों के 2998 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 3.13 लाख छात्र अब इस सिस्टम से जुड़े रहेंगे।
जिम्मेदारी संस्था प्रधान की
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स्कूल के प्रधानाध्यापक को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी शिक्षकों के मोबाइल में ऐप डाउनलोड और इंस्टॉल हो।
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हर दिन छात्रों की उपस्थिति समय पर दर्ज करनी होगी।
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अगर कोई कक्षा अध्यापक अनुपस्थित हो तो संस्था प्रधान को उस कक्षा के बच्चों की हाजरी दर्ज करनी होगी।
पहले कहां शुरू हुआ था पायलट प्रोजेक्ट?
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यह योजना पहले स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों और महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शुरू की गई थी।
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वहां अच्छे नतीजे आने के बाद अब इसे सभी सरकारी स्कूलों में लागू किया जा रहा है।
– अर्जुनराम जाजड़ा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक, नागौर
ने बताया कि यह कदम बच्चों की शिक्षा को और बेहतर बनाने और गैरहाजिर रहने वाले छात्रों की पहचान करने में मदद करेगा।
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