वॉशिंगटन डी.सी.: अमेरिका में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए भारत सरकार ने एक सख्त चेतावनी जारी की है। अमेरिका में भारतीय दूतावास ने एक सार्वजनिक संदेश में कहा है कि अधिकृत वीज़ा अवधि से अधिक रुकना गंभीर अपराध माना जाता है, जिससे निर्वासन (deportation) के साथ-साथ भविष्य के वीज़ा पर स्थायी रोक लग सकती है।
दूतावास ने इस चेतावनी को विशेष रूप से छात्रों, पर्यटकों और अस्थायी कार्य वीज़ा धारकों (H-1B, L-1, B-1/B-2 आदि) के लिए जारी किया है।
दूतावास का आधिकारिक संदेश
अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर दूतावास ने लिखा:
“यदि कोई व्यक्ति अमेरिका में अपनी अधिकृत अवधि से अधिक समय तक रहता है, तो उसे निर्वासित किया जा सकता है और भविष्य में अमेरिका में प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।”
पिछले अनुभवों से सबक
हाल के महीनों में, कई भारतीय नागरिक अमेरिका में ओवरस्टे (overstay) के मामलों में पकड़े गए हैं। कई छात्रों और पर्यटकों को अमेरिकी आव्रजन एजेंसियों (ICE, CBP) द्वारा हिरासत में लिया गया है। कुछ मामलों में यात्रियों को एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया क्योंकि उनके दस्तावेज़ अधूरे थे या वे पहले से आव्रजन उल्लंघन के दोषी थे।
कानूनी मान्यताएं और जोखिम
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अमेरिका में रहने की वैधता केवल वीज़ा की वैधता पर नहीं, बल्कि I-94 फॉर्म में अंकित अंतिम तारीख पर निर्भर करती है।
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अगर कोई व्यक्ति इस तारीख के बाद भी अमेरिका में रहता है, तो उसे Out-of-Status घोषित किया जा सकता है।
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इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति पर तीन से दस साल तक अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
विद्यार्थियों और B1/B2 वीज़ाधारकों के लिए सलाह
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छात्रों को सलाह दी गई है कि उनका SEVIS रिकॉर्ड हमेशा अपडेट रहे।
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B1/B2 वीज़ा धारकों को केवल व्यवसायिक या पर्यटन गतिविधियों तक ही सीमित रहना चाहिए।
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किसी भी प्रकार का वीज़ा दुरुपयोग भविष्य के अवसरों को प्रभावित कर सकता है।
निष्कर्ष
भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अमेरिकी आव्रजन कानूनों का पूरी तरह पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या यात्रा प्रतिबंध से बचा जा सके। यह चेतावनी न केवल मौजूदा वीज़ाधारकों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि उन लोगों के लिए भी ज़रूरी है जो भविष्य में अमेरिका यात्रा की योजना बना रहे हैं।
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