भीलवाड़ा में अवैध खनन को लेकर सरकार सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मामले में की जा रही कार्रवाई का रिपोर्ट कार्ड मांगा, लेकिन जब भीलवाड़ा कलेक्टर जवाब नहीं दे पाए तो सीएम नाराज हो गए।
एफआईआर से काम नहीं चलेगा, पूरी कार्रवाई होनी चाहिए
सीएम ने स्पष्ट किया कि सिर्फ एफआईआर दर्ज करने से अवैध खनन नहीं रुकेगा। उन्होंने पूछा कि कितने चालान पेश हुए, कितनी गिरफ्तारियां हुईं और कितना जुर्माना वसूला गया? जब कलेक्टर इसका जवाब नहीं दे पाए, तो मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने नाराजगी जताई।
चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा को मिलकर करनी होगी कार्रवाई
भीलवाड़ा से निकलने वाली बजरी चित्तौड़गढ़ होते हुए मध्यप्रदेश पहुंचती है, लेकिन चित्तौड़गढ़ में कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती। सीएम ने निर्देश दिए कि दोनों जिलों के अधिकारी मिलकर अवैध खनन पर रोक लगाएं। उन्होंने यह भी पूछा कि अवैध रास्तों पर अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
फिर चलेगा अभियान
सरकार ने अवैध खनन माफियाओं पर नकेल कसने के लिए फिर से अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत
🔹 खनन, पुलिस, प्रशासन, राजस्व और वन विभागों की संयुक्त टीमें बनाई जाएंगी।
🔹 मुख्यालय स्तर पर टास्क फोर्स गठित होगी।
🔹 जिला स्तर पर एसआईटी की बैठकें नियमित रूप से होंगी।
भीलवाड़ा जिले में अवैध खनन की स्थिति
| वर्ष | प्रकरण | वसूली (लाखों में) | एफआईआर |
|---|---|---|---|
| 2023 | 480 | 531.27 | 140 |
| 2024 | 1101 | 1670.79 | 330 |
| 2025 | 301 | 248.03 | 123 |
| कुल | 1882 | 2550.09 | 593 |
सीएम के निर्देश के बाद अब अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।
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