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आबूरोड @ पत्रिका। नगरपालिका बोर्ड में कांग्रेस पार्षदों ने शहर की समस्याओं और नगरपालिका में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए बुधवार को उपखंड अधिकारी शंकरलाल को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस पार्षदों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे प्रदर्शन करेंगे।
नेता प्रतिपक्ष कांतिलाल परिहार के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाए गए कि नगरपालिका की स्टोर शाखा ने लाखों रुपए की गैरजरूरी चीजें खरीदीं, जिनकी पालिका में जरूरत नहीं थी और फिर भी भुगतान कर दिया गया। वृक्षारोपण के नाम पर 10-15 लाख रुपए के महंगे पेड़ खरीदे गए। सीमित निविदाओं के तहत 2 से 3 करोड़ रुपए का भुगतान बिना उचित प्रक्रिया के किया गया। साथ ही, नामांतरण और नक्शे की फाइलें लटकी हुई हैं, लोग परेशान हो रहे हैं। शहर में गंदगी फैली हुई है और विद्युत व्यवस्था में भी गड़बड़ी है। पार्षदों ने भू-उपयोग परिवर्तन को भी नियम विरुद्ध बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की।
इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष कांतिलाल परिहार, पार्षद नरगिस कायमखानी, शमशाद अली अब्बासी, कैलाश माली, सुरेश बंजारा, जितेन्द्र बंजारा, किरण रैगर और सुनील राज धारू मौजूद थे।
दो कांग्रेस पार्षदों ने दी अलग राय
ज्ञापन देने के बाद कांग्रेस के ही दो पार्षदों ने अलग बयान दिया। वार्ड-1 के पार्षद सुरेश बंजारा ने कहा कि उनके वार्ड में सामुदायिक भवन की मरम्मत, सीसी सड़क और नाली निर्माण जैसे विकास कार्य हुए हैं, और उन्हें पालिका से कोई शिकायत नहीं है। वार्ड-2 के पार्षद जितेन्द्र बंजारा ने भी बताया कि उनके वार्ड में तीन पार्क, एक ओपन जिम बनवाया गया है और श्मशान घाट के लिए 25 लाख रुपए स्वीकृत हुए हैं।
पालिकाध्यक्ष ने आरोपों को किया खारिज
पालिकाध्यक्ष मगनदान चारण ने कहा कि सफाई को लेकर जिन पार्षदों ने शिकायत की है, उन्होंने ही पहले सफाई कार्यों को प्रमाणित किया था। ये प्रमाण-पत्र सार्वजनिक किए जाएंगे। सीमित निविदाएं नियमों के अनुसार की गईं। नक्शे और नामांतरण की कोई भी फाइल लंबित नहीं है। पौधे सरकारी दर पर वन विभाग से खरीदे गए हैं। भू-उपयोग परिवर्तन का फैसला तकनीकी और विधि विशेषज्ञों की समिति करती है। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।
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