जेरूसलम/तेहरान – ईरान और इजरायल के बीच हालिया संघर्ष में जबरदस्त तेजी आई है। दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों की श्रृंखला जारी है, और अब यह संकट कूटनीतिक वार्ताओं को भी प्रभावित कर रहा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि मौजूदा हालात में अमेरिका के साथ किसी भी तरह की परमाणु वार्ता निरर्थक है।
ईरान का सख्त रुख
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकई ने बयान दिया कि इजरायली हमलों के बाद अमेरिका के साथ परमाणु मुद्दों पर बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं बचती। उन्होंने अमेरिका को “हमले का सहयोगी” बताते हुए कहा कि ईरान अब केवल दुश्मन की आक्रामकता का जवाब देने पर केंद्रित है।
पुतिन और ट्रंप की चर्चा
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हालात की गंभीरता को देखते हुए फोन पर लगभग 50 मिनट तक बातचीत की। पुतिन ने इस दौरान ट्रंप को ईरान और इजरायल के साथ हालिया चर्चाओं की जानकारी दी।
इजरायली हमलों में 4 की मौत
ईरान के पब्लिक डिप्लोमेसी सेंटर के प्रमुख बाकई ने जानकारी दी कि इजरायली हमलों में 17 वर्षीय ताइक्वांडो खिलाड़ी आमिर अली अमिनी, पैडल स्पोर्ट्स एथलीट पारसा मंसूर, पिलेट्स प्रशिक्षक निलोफर कलेहवंद, और घुड़सवार मेहदी पोलादवंद की मौत हो चुकी है। बाकई ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि “इन नागरिकों की हत्या युद्ध अपराध है और जिम्मेदारों को जवाब देना होगा।”
इजरायल का दावा – ईरान की सैन्य क्षमताएं नष्ट
इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने दावा किया है कि उसने ईरान की वायु रक्षा प्रणाली, परमाणु स्थलों और सामरिक सैन्य परिसंपत्तियों को निशाना बनाया है। IDF प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने बताया कि अब इजरायली लड़ाकू विमान बिना किसी रुकावट के उड़ान भर रहे हैं।
रिफाइनरी पर ड्रोन हमला
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ने बताया कि इजरायली ड्रोन ने दक्षिण पारस गैस क्षेत्र की एक रिफाइनरी को निशाना बनाया है, जिससे ऊर्जा अवसंरचना को नुकसान पहुंचा है।
नेतन्याहू का बयान – “हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक जीत न मिले”
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “हम अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं और तब तक संघर्ष जारी रहेगा जब तक हमें निर्णायक जीत नहीं मिलती।”
ओमान का रुख
ओमान ने भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा संघर्ष के चलते अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई भी वार्ता संभव नहीं है।
वैश्विक चिंता
इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है, बल्कि इसका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो यह संघर्ष वैश्विक संकट में तब्दील हो सकता है।
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