पेशावर: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के संस्थापक इमरान खान ने मौजूदा सरकार के साथ संवाद की इच्छा जताई है। यह जानकारी खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने दी। उन्होंने कहा कि इमरान खान देश को मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक संकट से उबारने के लिए सरकार से बातचीत को तैयार हैं।
जेल में मुलाकात न होने पर जताई नाराज़गी
इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बाहर पत्रकारों से बातचीत में गंडापुर ने बताया कि अदालत द्वारा साप्ताहिक मुलाकात की अनुमति के बावजूद उन्हें अदियाला जेल में इमरान खान से मिलने नहीं दिया गया। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
‘खान माफ करने को तैयार, लेकिन सुलह में रुकावटें’
गंडापुर ने कहा कि इमरान खान सरकार को माफ करने और सहयोगात्मक संवाद शुरू करने को तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि खान का उद्देश्य व्यक्तिगत नहीं बल्कि राष्ट्रीय है। हालांकि उन्होंने यह भी इशारा किया कि कुछ तत्व आपसी सुलह की कोशिशों में रोड़े अटका रहे हैं। उनका कहना था कि खान लगातार इस बात पर ज़ोर देते आए हैं कि अगर देश का हित इसमें है, तो वे वार्ता से पीछे नहीं हटेंगे।
बजट और अहम मुद्दों पर सलाह की ज़रूरत
मुख्यमंत्री ने बताया कि आने वाले बजट जैसे महत्वपूर्ण मामलों में खान से मार्गदर्शन लेना जरूरी है और इसके लिए संवाद अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि खान की रिहाई को लेकर संवैधानिक विकल्पों की समीक्षा की जा रही है।
अल-कादिर ट्रस्ट मामले पर न्यायालय में सुनवाई
एक अन्य घटनाक्रम में, 19 करोड़ पाउंड के अल-कादिर ट्रस्ट घोटाले में इमरान खान की परोल पर रिहाई को लेकर उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। इमरान के वकील नियाजुल्ला नियाजी ने अदालत को बताया कि अदालत की अवमानना से संबंधित सात याचिकाएं लंबित हैं। कोर्ट ने परोल पर रिहाई के मुद्दे को स्वतंत्र विषय मानते हुए सलाह दी कि सरकारी मामलों को उचित मंच पर उठाया जाए।
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