ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि जैसे उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करने में भूमिका निभाई, उसी तरह अब वह मध्य पूर्व में चल रहे इस टकराव को भी समाप्त कराएंगे।
“मैंने भारत-पाक का तनाव खत्म कराया था” – ट्रंप
ट्रंप ने एक बयान में कहा, “ईरान और इज़राइल को आपस में समझौता करना चाहिए। मैंने भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया विवाद को भी शांतिपूर्वक सुलझाया था। अब यह युद्ध भी जल्द थम जाएगा।” उन्होंने कहा कि वह अक्सर ऐसे बड़े कार्य करते हैं लेकिन श्रेय नहीं लेते।
हालांकि, भारत सरकार पहले भी इस तरह के ट्रंप के बयानों को अनौपचारिक और अतिरंजित बताकर खारिज कर चुकी है और कहा है कि भारत-पाक के बीच कोई बाहरी मध्यस्थता नहीं हुई थी।
मध्य पूर्व को “फिर से महान” बनाने का संकल्प
अपने बयान में ट्रंप ने यह भी कहा कि, “अब और विनाश नहीं होना चाहिए। हम मध्य पूर्व को फिर से महान बनाएंगे। समझौता ज़रूरी है, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।” उनकी इस टिप्पणी को कुछ पर्यवेक्षक आगामी चुनावी रणनीति और वैश्विक भूमिका में फिर से प्रभाव बढ़ाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता का नया दौर टल गया है। रविवार को प्रस्तावित बैठक युद्ध के हालात को देखते हुए रद्द कर दी गई।
तेहरान में धमाके, इज़राइल पर मिसाइल हमले
इस बीच, ईरान की राजधानी तेहरान में पांच कार बम धमाकों ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। सरकार ने इसके लिए सीधे तौर पर इज़राइल को दोषी ठहराया है। साथ ही, ईरान ने एक बार फिर इज़राइली ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। हालांकि, इज़राइली सेना का कहना है कि अधिकतर मिसाइलों को डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही निष्क्रिय कर दिया।
ईरानी राष्ट्रपति की चेतावनी
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि, “इज़राइल, अमेरिका की सहमति के बिना इस स्तर का हमला नहीं कर सकता।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि हमले जारी रहते हैं तो ईरानी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स पूरे बल के साथ जवाब देंगे।
इसके साथ ही, राष्ट्रपति पेजेशकियन ने इराक से आग्रह किया कि वह अपने हवाई क्षेत्र और ज़मीन को इज़राइल द्वारा इस्तेमाल न होने दे। इराक ने भी इस अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है।
निष्कर्ष
डोनाल्ड ट्रंप की इस कथित “शांति पहल” को जहां कुछ हलकों में राजनीतिक बयानबाज़ी के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं अन्य विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका फिर से मध्य पूर्व में सक्रिय भूमिका निभाता है, तो इससे स्थिति को स्थिर करने में मदद मिल सकती है। लेकिन इस बीच, जमीनी हालात हर बीतते दिन के साथ और तनावपूर्ण होते जा रहे हैं।
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