नई दिल्ली/लाहौर: जब दुनिया के कई हिस्सों में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चर्चा तेज है, ऐसे में पाकिस्तान के भीतर प्याज, लहसुन और चिकन की कीमतों ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारत का प्रतिनिधिमंडल आतंकवाद के मुद्दे पर दुनियाभर में पाकिस्तान को घेरने में जुटा है, तो वहीं पाकिस्तान की पंजाब मुख्यमंत्री मरियम नवाज घरेलू मोर्चे पर बढ़ती कीमतों से निपटने की जद्दोजहद कर रही हैं।
भारत ने दुनिया के सामने रखा अपना पक्ष, पाकिस्तान को किया बेनकाब
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 6-7 मई की रात को “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर करारा प्रहार किया। इस ऑपरेशन ने दुनिया का ध्यान एक बार फिर भारत-पाक संबंधों की ओर खींचा। भारतीय नेता जैसे असदुद्दीन ओवैसी, शशि थरूर और अभिषेक बनर्जी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की आतंकी नीतियों को उजागर कर रहे हैं।
पाकिस्तान की मुश्किलें: आतंकी छवि के साथ महंगाई की मार
जहाँ भारत वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को घेर रहा है, वहीं पाकिस्तान को भीतरू आर्थिक संकट और महंगाई से दो-दो हाथ करने पड़ रहे हैं। ईद-उल-अजहा करीब आते ही प्याज, लहसुन और चिकन की कीमतें आसमान छूने लगी हैं, जिससे आम जनता की कमर टूट रही है।
मरियम नवाज का एक्शन मोड: सब्जियों और चिकन पर नियंत्रण की कोशिश
पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने इस मुद्दे पर कई उच्च स्तरीय बैठकें कीं। उन्होंने संबंधित विभागों को आदेश दिया है कि टमाटर, प्याज, अदरक, लहसुन, नींबू और हरी मिर्च जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर सख्त निगरानी रखी जाए। उनका कहना है कि ईद से पहले कीमतों में कोई भी उछाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने ट्रांसपोर्ट लागत को घटाकर कीमतों को नियंत्रित करने की योजना मांगी है और कृषि विभाग को बे-मौसमी फसलों की खेती को बढ़ावा देने का निर्देश दिया है।
आलोचना और चुनौतियाँ: आतंकवाद बनाम आटा-लहसुन की लड़ाई
जहाँ भारत आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है और वैश्विक समुदाय को साथ ला रहा है, वहीं पाकिस्तान घरेलू संकटों में उलझा हुआ है। इस अंतर ने दोनों देशों की प्राथमिकताओं और अंतरराष्ट्रीय छवि में एक बड़ा अंतर पैदा कर दिया है।
एक ओर भारत प्रॉक्सी आतंकवाद पर सख्त कदम उठा रहा है, वहीं पाकिस्तान की सरकार खाद्य संकट और महंगाई से ही निपटने में जुटी है।
निष्कर्ष:
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का अंतरराष्ट्रीय प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। लेकिन यह भी साफ होता जा रहा है कि पाकिस्तान को न केवल राजनीतिक और कूटनीतिक मोर्चे, बल्कि आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों से भी एकसाथ जूझना पड़ रहा है। और इन सबके बीच, प्याज और लहसुन एक बार फिर देश की सियासी गर्मी का कारण बन चुके हैं।
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