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एसआई पेपर लीक में बड़ा खुलासा
राजस्थान के जैसलमेर जिले के फतेहगढ़ एसडीएम (आरएएस अधिकारी) हनुमानाराम विरड़ा को एसआई परीक्षा में डमी बनकर परीक्षा देने के आरोप में एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने गिरफ्तार किया है। हनुमानाराम को बुधवार को फतेहगढ़ से हिरासत में लेकर जयपुर मुख्यालय लाया गया है। एसओजी-एटीएस के एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि एसडीएम ने किसी और की जगह खुद परीक्षा दी थी।
प्रशासन में मचा हड़कंप
हनुमानाराम के पकड़े जाने से प्रशासनिक हलकों में सनसनी फैल गई है। हनुमानाराम ने 2021 की आरएएस परीक्षा में 22वीं रैंक हासिल की थी। उनकी पहली पोस्टिंग फरवरी 2023 में चितलवाना (जालोर) में एसडीएम के तौर पर हुई थी और फरवरी 2025 में वे फतेहगढ़ में पदस्थापित हुए थे।
दलाल का खुलासा : मेरी जगह परीक्षा दी एसडीएम ने
एडीजी वी.के. सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले जोधपुर पुलिस ने दलाली के आरोप में इन्द्रा और उसके पति नरपतराम को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में नरपतराम ने खुलासा किया कि उसने भी एसआई परीक्षा में आवेदन किया था और उसकी जगह फतेहगढ़ के एसडीएम हनुमानाराम ने परीक्षा दी थी। इस पुष्टि के बाद एसओजी ने हनुमानाराम को पकड़ा है। अब जयपुर में उनसे गहन पूछताछ होगी।
डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने वाला शिक्षक भी गिरफ्तार
एसओजी ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षक उम्मेद सिंह को गिरफ्तार किया है, जो कई परीक्षाओं में डमी बनकर बैठ चुका है। उम्मेद सिंह को सिरोही के डीईओ ऑफिस से पकड़ा गया।
इन परीक्षाओं में बैठा था उम्मेद सिंह
पाली जिले के रोहट के राखणा गांव के उम्मेद सिंह पर एसआई भर्ती परीक्षा 2018 और 2021, सेकंड ग्रेड अध्यापक परीक्षा 2022, प्रथम श्रेणी हिंदी व्याख्याता परीक्षा 2020 और 2022, शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती 2022 और रीट लेवल द्वितीय 2022 में डमी बनकर परीक्षा देने के आरोप हैं। उम्मेद सिंह पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। उसकी गिरफ्तारी में एसओजी की जोधपुर यूनिट के कांस्टेबल अजय सिंह ने अहम भूमिका निभाई।
पूछताछ जारी
अब उम्मेद सिंह से यह जानकारी जुटाई जा रही है कि वह किन-किन परीक्षार्थियों की जगह बैठा था और उसने इसके बदले कितनी रकम ली थी।
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