नई दिल्ली। भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर में आतंकी नेटवर्क को जबरदस्त झटका लगा है। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, इस सैन्य अभियान में मारे गए आतंकियों में अब्दुल रऊफ अजहर भी शामिल है — जो 1999 के कंधार विमान अपहरण (IC-814 हाईजैक) का मास्टरमाइंड था।
भारत की जवाबी कार्रवाई में बड़ा आतंकी ढेर
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने रातोंरात ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की। इस जवाबी कार्रवाई के तहत पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले क्षेत्रों में कई आतंकी ठिकानों पर मिसाइल स्ट्राइक की गई। इन्हीं स्ट्राइक्स में रऊफ अजहर के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
कौन था रऊफ अजहर?
रऊफ अजहर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एक शीर्ष कमांडर और संस्थापक मसूद अजहर का छोटा भाई था। उसने 1999 में IC-814 विमान अपहरण की साजिश रची थी, जिसका मकसद भारतीय जेल में बंद मसूद अजहर की रिहाई सुनिश्चित करना था। रऊफ ने इस ऑपरेशन की रणनीति काठमांडू से तैयार की थी और हाईजैकर्स को दिशा-निर्देश दिए थे।
IC-814 हाईजैक: एक नजर में पूरी घटना
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24 दिसंबर 1999 को इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को 5 आतंकियों ने काठमांडू से उड़ान भरने के तुरंत बाद हाईजैक कर लिया था।
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विमान को अमृतसर, फिर लाहौर, दुबई, और अंत में कंधार (अफगानिस्तान) ले जाया गया।
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7 दिनों तक चली इस घटना में एक यात्री की हत्या कर दी गई थी।
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भारत सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए अंततः तीन आतंकियों—मसूद अजहर, उमर शेख और मुश्ताक जरगर—को रिहा किया था।
रऊफ की भूमिका और अमेरिका की नजर
रऊफ अजहर न केवल हाईजैक का मास्टर प्लानर था, बल्कि बाद में जैश-ए-मोहम्मद की कई आतंकी गतिविधियों में भी शामिल रहा। अमेरिका ने उसे मोस्ट वांटेड ग्लोबल टेररिस्ट की सूची में रखा था और उस पर प्रतिबंध भी लगाए गए थे।
निष्कर्ष: ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत को यह बड़ी सफलता न केवल सैन्य दृष्टि से अहम है, बल्कि यह आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का स्पष्ट संदेश भी है।
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