मिसिसॉगा (कनाडा) — एक सिख व्यवसायी हरजीत सिंह धड्डा की उनके कार्यालय के बाहर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे एक ट्रकिंग सेफ्टी और इंश्योरेंस कंसल्टेंसी कंपनी चलाते थे। जांच में सामने आया है कि उन्हें भारत से धमकी भरे कॉल आ रहे थे, जिनमें उनसे 5 लाख डॉलर की फिरौती मांगी गई थी।
पुलिस के मुताबिक, यह हमला ट्रैनमेयर ड्राइव और टेलफोर्ड वे के पास हुआ। घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों का कहना है कि हमलावरों ने उन पर करीब 15-16 गोलियां दागीं और फिर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर धड्डा को मृत घोषित किया और अब हत्या की जांच जारी है।
कौन थे हरजीत सिंह धड्डा?
हरजीत सिंह मूल रूप से उत्तराखंड के बाजपुर से ताल्लुक रखते थे। उन्होंने कनाडा में ट्रकिंग सुरक्षा और बीमा से जुड़ी सेवाएं प्रदान करने वाली एक कंपनी स्थापित की थी। वे दक्षिण एशियाई व्यवसायिक समुदाय में एक जाने-पहचाने चेहरे थे।
उनकी बेटी ने बताया कि पिता को भारत से जबरन वसूली के लिए लगातार धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस को समय रहते सूचित किया गया था, लेकिन अधिकारी इस शिकायत को लेकर लापरवाह रहे।
कम्युनिटी में गुस्सा और शोक
इस घटना से कनाडा में बसे दक्षिण एशियाई समुदाय में शोक और आक्रोश की लहर है। लोगों का कहना है कि हाल के महीनों में व्यापारियों और छात्रों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
पिछले ही महीने, हरसिमरत रंधावा नामक एक 21 वर्षीय छात्रा की हैमिल्टन में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह मोहॉक कॉलेज की छात्रा थी और बस का इंतजार कर रही थी, जब उस पर हमला हुआ।
पुलिस की अपील और चुप्पी
हालांकि अब पील रीजनल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आम लोगों से सीसीटीवी फुटेज या अन्य जानकारी साझा करने की अपील की है, लेकिन पहले की गई शिकायत पर कार्रवाई न करने को लेकर पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।
क्या बढ़ रहा है टारगेटेड क्राइम?
धड्डा की हत्या ने कनाडा में खासकर दक्षिण एशियाई उद्यमियों और प्रवासियों के प्रति बढ़ते टारगेटेड अपराधों की ओर इशारा किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये हमले संगठित आपराधिक समूहों की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं, जो प्रवासी समुदायों से वसूली और दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं।
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