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जोधपुर:
कमलेश प्रजापत एनकाउंटर मामले में अदालत के ताजा फैसले को परिजनों और समाज के लोगों ने न्याय की जीत बताया है। कमलेश की चौथी पुण्यतिथि पर उनके गांव छीतर में एक समाजिक बैठक आयोजित हुई, जिसमें बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
क्या कहा परिजनों ने?
कमलेश के परिवार ने कहा कि चार साल के लंबे इंतजार के बाद जो न्यायिक आदेश आया है, उससे हमारे विश्वास को बल मिला है। उन्होंने कहा कि हमें न्यायिक जांच पर भरोसा है और हमें उम्मीद है कि दोषियों को सजा मिलेगी।
अदालत ने क्या फैसला दिया?
जोधपुर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CBI प्रकरण) ने 2021 में बाड़मेर में हुए कमलेश प्रजापत के कथित फर्जी एनकाउंटर की CBI द्वारा दी गई क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। अदालत ने माना कि इस मामले में और जांच की जरूरत है।
समाज की बैठक में क्या हुआ?
बैठक में पूर्व राज्यसभा सांसद दिनेश प्रजापति, पूर्व अध्यक्ष पन्नालाल, अधिवक्ता बलाराम प्रजापत सहित कई प्रमुख लोग शामिल हुए। सभी ने फैसले का स्वागत किया और कहा कि पुलिस की एफआईआर और बरामदगी के दावे अदालत में साबित नहीं हो सके, जिससे यह मामला फर्जी एनकाउंटर की तरफ इशारा करता है।
हनुमान बेनीवाल की मांग
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि, “हमने संसद में कई बार इस मुद्दे को उठाया है। अब जब अदालत ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट खारिज की है, तो दोषियों को सजा दिलाना जरूरी है। तभी पीड़ित परिवार को सच्चा न्याय मिल सकेगा।”
निष्कर्ष
यह फैसला उन लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो सालों से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। समाज और परिजन अब आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं ताकि कमलेश प्रजापत को इंसाफ मिल सके।
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