गाज़ा सिटी | 30 मई 2025 — मध्य गाज़ा के बुरेज़ शरणार्थी शिविर में एक आवासीय घर पर इज़राइली वायुसेना द्वारा किए गए हमले में 22 लोगों की जान चली गई, जिनमें 9 महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इज़राइल और हमास के बीच संघर्षविराम को लेकर वार्ता जारी है।
स्थानीय अल-अक्सा शहीद अस्पताल के चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, पीड़ितों को मलबे से बाहर निकाला गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
स्कूल पर भी हमला, दर्जनों घायल

इससे पहले गाज़ा सिटी के दाराज इलाके में एक स्कूल को निशाना बनाए जाने की भी खबर आई थी, जिसमें कम से कम 20 लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की पुष्टि हुई है। यह स्कूल हाल ही में विस्थापित हुए परिवारों का आश्रय स्थल बना हुआ था।
इज़राइल का सैन्य अभियान तेज
मई की शुरुआत से इज़राइली सेना ने गाज़ा में सैन्य अभियान तेज कर दिया है। अधिकारियों का दावा है कि इस ऑपरेशन का मकसद हमास की सैन्य और प्रशासनिक क्षमताओं को नष्ट करना और बंधकों की वापसी सुनिश्चित करना है। हालांकि, इस हमले के बारे में इज़राइली रक्षा बल (IDF) की ओर से कोई आधिकारिक बयान अब तक नहीं आया है।
मानवीय संकट गहराया
स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के मुताबिक, गाज़ा में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। भोजन, पानी और चिकित्सा सेवाओं की भारी कमी के चलते भुखमरी का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि कुछ राहत दी गई है, फिर भी ज़रूरतों की तुलना में सहायता नगण्य है।
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में स्पष्ट किया कि इज़राइल गाज़ा में अपना सैन्य नियंत्रण बनाए रखेगा और युद्ध तब तक नहीं रुकेगा जब तक हमास पूरी तरह निरस्त्र नहीं हो जाता।
गाज़ा में अब तक 53,000 से अधिक मौतें
मानवाधिकार संगठनों के अनुमान के अनुसार, अब तक इस संघर्ष में 53,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में नागरिक और बच्चे शामिल हैं। करीब 20 लाख की आबादी में से बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो चुके हैं, जिनकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक है।
क्या होगा अगला कदम?
संघर्षविराम को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद, जमीनी हकीकत यह दिखा रही है कि शांति की राह अभी भी लंबी और कठिन है। जब एक ओर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, वहीं दूसरी ओर हवाई हमले और मानवीय संकट इस जंग को और जटिल बना रहे हैं।
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