अम्मान | 24 अप्रैल, 2025
इज़राइल-हमास युद्ध की छाया में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जॉर्डन सरकार ने देश की सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए मुस्लिम ब्रदरहुड पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संगठन के हमास से करीबी संबंध हैं और हाल ही में इसके कई सदस्यों को राज्यविरोधी साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
सरकारी आदेश: सभी कार्यालय बंद, प्रचार पर रोक
जॉर्डन के आंतरिक मंत्री माज़ेन अल फरया ने एक आधिकारिक घोषणा में बताया कि:
“ब्रदरहुड अब कानूनी संगठन नहीं रह गया है। इसके सभी कार्यालय बंद कर दिए गए हैं और मीडिया को इसकी किसी भी तरह की वकालत से रोका गया है।”
उन्होंने बताया कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता की रक्षा के लिए उठाया गया है।
राजनीतिक और सुरक्षा संकट
ब्रदरहुड पर आरोप है कि वह गुप्त रूप से हथियारों और विस्फोटकों को एकत्र कर रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह संगठन सशस्त्र विद्रोह की तैयारी कर रहा था। खुफिया सूत्रों का कहना है कि छोटे रॉकेटों के निर्माण, गुप्त प्रशिक्षण केंद्र, और युवाओं की भर्ती जैसे काम अंजाम दिए जा रहे थे।
हमास की प्रतिक्रिया और समर्थन
इस कार्रवाई पर हमास ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। हमास ने ब्रदरहुड की साजिश को “देशभक्ति” बताया और कहा कि यह “गाजा के लोगों के समर्थन में उठाया गया नैतिक कदम” है। उन्होंने गिरफ्तार किए गए सदस्यों की रिहाई की मांग भी की।
हमास-जॉर्डन संबंधों का इतिहास
जॉर्डन ने साल 1999 में हमास को देश से बाहर निकाल दिया था और 1994 में इज़राइल के साथ शांति समझौता भी किया था। इसके बाद से हमास की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाती रही है।
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