वॉशिंगटन, 25 जून – अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को मीडिया रिपोर्टों को खारिज करते हुए दावा किया कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर किया गया अमेरिकी हमला पूरी तरह सफल रहा।
ईरान-इज़रायल संघर्ष से जुड़े 10 प्रमुख बिंदु:
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ट्रंप की प्रतिक्रिया: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अपनी आलोचना करने वाले मीडिया संगठनों— विशेषकर CNN और न्यूयॉर्क टाइम्स — पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये रिपोर्टें “इतिहास के सबसे सफल सैन्य अभियानों में से एक” को बदनाम करने की साजिश है।
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सच या दावा? ट्रंप ने अपनी Truth Social पोस्ट में जोर देकर लिखा,
“ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। CNN और टाइम्स जैसे फर्जी मीडिया चैनलों को जनता अब नकार रही है।”
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हमले का विवरण: अमेरिका ने शनिवार को इज़रायल की ओर से चलाए जा रहे सैन्य अभियान में शामिल होते हुए ईरान के तीन प्रमुख परमाणु स्थलों — फोर्दो, नतांज़ और इस्फहान — पर “बंकर बस्टर” बमों से हमला किया। ये बम कई मीटर गहरे भूमिगत कंक्रीट संरचनाओं को भी भेद सकते हैं।
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खुफिया रिपोर्ट लीक: एक गोपनीय अमेरिकी खुफिया आकलन से संकेत मिला कि ये हमले ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सिर्फ कुछ महीनों के लिए ही बाधित कर पाए — पूरी तरह खत्म नहीं कर सके।
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प्रवेश द्वार ढंके, लेकिन… रिपोर्ट के अनुसार, हमलों ने कुछ सुविधाओं के प्रवेश मार्गों को अवरुद्ध कर दिया, लेकिन भूमिगत संरचनाएं और यूरेनियम भंडार अप्रभावित रहे।
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व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया: प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने रिपोर्ट की पुष्टि करते हुए कहा कि यह लीक “राजनीतिक साजिश” है, जो राष्ट्रपति और पायलटों के प्रयासों को नीचा दिखाने के लिए की गई है।
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बयान में तीखा लहजा: लेविट ने कहा,
“अगर आप 30,000 पाउंड के 14 बम बिल्कुल निशाने पर गिराएं, तो नतीजा सिर्फ एक ही होता है: सम्पूर्ण विनाश।”
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इज़रायल का दावा: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे “ऐतिहासिक विजय” बताया और कहा कि उनका देश ईरान को दोबारा परमाणु कार्यक्रम शुरू नहीं करने देगा।
“हमने ईरान की परमाणु योजना को विफल कर दिया है — और अगर वे इसे फिर से शुरू करेंगे, तो हमारा जवाब पहले से भी तीखा होगा।”
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ईरान की प्रतिक्रिया: ईरानी राष्ट्रपति मसरूद पेज़ेश्कियान ने संघर्षविराम का स्वागत किया, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि ईरान परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के अधिकार से पीछे नहीं हटेगा।
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अब तक का सबसे भयानक टकराव: ईरान और इज़रायल के बीच 12 दिन चला यह संघर्ष अब तक का सबसे विनाशकारी माना जा रहा है। इज़रायली हमलों में वैज्ञानिक और सैन्य अधिकारी मारे गए, वहीं ईरान ने भी मिसाइलों से जवाब दिया। अंत में अमेरिका के सीधे हस्तक्षेप और ईरानी जवाबी हमलों से तनाव चरम पर पहुंच गया।
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