वॉशिंगटन, 25 जून – अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि उन्होंने ईरान के सभी परमाणु ठिकानों और क्षमताओं को पूरी तरह खत्म कर दिया है और इसके बाद ईरान-इज़रायल संघर्ष में “युद्ध रोकने” का श्रेय भी खुद को दिया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा,
“इज़रायल और ईरान दोनों ही युद्ध खत्म करना चाहते थे। मेरे लिए यह बहुत बड़ा सम्मान था कि मैंने ईरान के सभी परमाणु ठिकानों को तबाह किया और फिर युद्ध को समाप्त किया।”
यह बयान उस श्रृंखला के बाद आया जब 13 जून को इज़रायल ने ईरान के सैन्य और परमाणु प्रतिष्ठानों पर ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत जोरदार हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3’ शुरू कर इज़रायल के सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया।
अमेरिका का हस्तक्षेप और बढ़ता तनाव
तनाव के बीच अमेरिका ने भी सीधे दखल देते हुए ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों – फोर्दो, नतांज़ और इस्फहान – पर निशाना साधा। इसके बाद ईरान ने कतर और ईरान स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर जवाबी हमले किए।
ट्रंप के अनुसार, इन हमलों के बाद उन्होंने एक संघर्षविराम समझौता कराया था, जिसमें दोनों पक्षों ने युद्ध रोकने की सहमति जताई थी।
संघर्षविराम के बाद भी हमले
हालांकि, ट्रंप की घोषणा के कुछ देर बाद ही इज़रायल ने तेहरान के उत्तर में स्थित एक ईरानी रडार इंस्टॉलेशन पर सीमित हमला किया। इसके बाद ईरान ने दो बैलिस्टिक मिसाइलें इज़रायल पर दागीं।
इस पर ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“दोनों देश इतने लंबे समय से लड़ते आ रहे हैं कि अब उन्हें खुद नहीं पता कि वे क्या कर रहे हैं।”
इज़रायल की प्रतिक्रिया
इज़रायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत के बाद इज़रायल ने आगे कोई हमला न करने का निर्णय लिया है।
इज़रायल के रक्षा मंत्री, इस्राएल कात्ज़ ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा:
“मैंने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से बात की। राष्ट्रपति ट्रंप के साहसिक फैसले और ईरान के परमाणु खतरे के खिलाफ अमेरिकी-इज़रायली सहयोग की सराहना करता हूं। हमने यह स्पष्ट किया है कि यदि ईरान समझौते का पालन करता है, तो इज़रायल भी संघर्षविराम का सम्मान करेगा।”
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