हेग / वॉशिंगटन:
2025 के नाटो समिट के दौरान एक अजीब लेकिन हल्के-फुल्के पल ने सबका ध्यान खींचा, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे खुद को अपने नाटो सहयोगियों के लिए “डैडी” जैसा मानते हैं — क्योंकि नाटो महासचिव मार्क रुटे ने उन्हें इसी उपनाम से पुकारा था।
पत्रकार के इस सवाल पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जो ट्रंप के साथ मंच पर खड़े थे, पहले मुस्कराए और फिर अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
एक ब्रिटिश चैनल स्काई न्यूज़ के संवाददाता ने सवाल पूछा:
“मार्क रुटे ने आपको ‘डैडी’ कहा है। क्या आप अपने नाटो सहयोगियों को बच्चों की तरह मानते हैं?”
ट्रंप ने दिया मज़ेदार जवाब, रुबियो हंसी में झूमे
ट्रंप ने मज़ाकिया अंदाज़ में जवाब दिया:
“नहीं, वो मुझसे प्यार करता है। मुझे लगता है कि वह मुझे पसंद करता है। अगर नहीं करता तो मैं आपको बता दूंगा… फिर मैं उसे ज़ोर का झटका दूंगा, ठीक है?”
इस पर रुबियो जोर से हंसने लगे और वहां मौजूद मीडिया भी मुस्कराने लगी।
ट्रंप ने फिर चुटकी ली:
“हां, उसने कहा था ‘डैडी’। बहुत प्यारा था। ‘डैडी, यू आर माय डैडी।’”
क्या था “डैडी” कमेंट का संदर्भ?
दरअसल, कुछ दिन पहले मार्क रुटे ने एक बयान में कहा था:
“कभी-कभी डैडी को सख्त भाषा इस्तेमाल करनी पड़ती है,”
जिसका संदर्भ ट्रंप के ईरान-इज़राइल संघर्ष में हस्तक्षेप और कड़े फैसलों को लेकर था।
इस पर अब स्पष्टीकरण देते हुए रुटे ने कहा कि उनका आशय व्यक्तिगत नहीं था, बल्कि वे अमेरिका की भूमिका की तुलना एक संरक्षक या “अभिभावक” से कर रहे थे, जैसा कि कई यूरोपीय देशों की अमेरिका पर निर्भरता है। उन्होंने साफ किया:
“मैंने ट्रंप को ‘डैडी’ नहीं कहा, मैंने अमेरिका की भूमिका की तुलना उस शब्द से की थी।”
नाटो समिट का ऐतिहासिक फैसला
हेग में आयोजित 2025 नाटो समिट में सदस्य देशों ने यह संकल्प लिया कि वे आने वाले दशक तक अपने जीडीपी का 5% रक्षा क्षेत्र में खर्च करेंगे। ट्रंप ने इसे “ऐतिहासिक दिन” बताया और दावा किया कि यह कदम उन्हीं की पहल पर संभव हुआ।
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या यूरोपीय देश अकेले अपने बचाव में सक्षम हैं, तो उन्होंने जवाब दिया,
“शुरुआत में उन्हें मदद की ज़रूरत पड़ सकती है, लेकिन वे खुद संभाल लेंगे।”
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