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पसान के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में डॉक्टर और स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को इलाज में दिक्कत हो रही है। यहां प्रतिदिन 50-60 मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन डॉक्टर सिर्फ 2 दिन ही उपलब्ध रहते हैं।
डॉक्टर की ड्यूटी अन्य जगहों पर भी
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यहां पदस्थ डॉ. विपिन कुमार की ड्यूटी कोतमा और परासी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी लगाई गई है।
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इस वजह से पसान स्वास्थ्य केंद्र में वे सिर्फ 2 दिन ही आते हैं।
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यहां ड्रेसर और फार्मासिस्ट भी नहीं हैं, जिससे घायलों की ड्रेसिंग और दवा वितरण में परेशानी हो रही है।
प्रसव के लिए नहीं आते मरीज
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अस्पताल में प्रसव की जरूरी सुविधाएं नहीं हैं, जिससे लोग महिलाओं को यहां प्रसव के लिए नहीं लाते।
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प्रसव कक्ष में एसी की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक पूरी नहीं हुई।
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रात्रि के समय कोई स्टाफ नहीं रहता, जिससे अस्पताल में ताला लगा रहता है।
कोतमा और परासी जाने की मजबूरी
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इलाज के लिए मरीजों को 12 किमी दूर कोतमा और परासी जाना पड़ता है।
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स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पताल होने के बावजूद उन्हें इसका लाभ नहीं मिल रहा।
भवन बना, लेकिन सुविधाएं नहीं
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पसान में अस्पताल की मांग पर भवन तो बना दिया गया, लेकिन स्टाफ की कमी बनी हुई है।
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महिला डॉक्टर की अब तक नियुक्ति नहीं हुई है।
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फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय की कमी को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
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