न्यूयॉर्क — संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन विशेष बैठक के दौरान रूस ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। रूस के स्थायी प्रतिनिधि वासिली नेबेंज़िया ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हाल में हुए अमेरिकी हमलों को वैश्विक शांति के लिए “गंभीर और खतरनाक” बताते हुए कहा कि अमेरिका ने “पेंडोरा का डिब्बा” खोल दिया है, जिसका परिणाम विश्व के लिए विनाशकारी हो सकता है।
उन्होंने यह टिप्पणी रविवार को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में की, जहाँ सुरक्षा परिषद में “अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरे” विषय पर चर्चा हो रही थी।
“मानवता के भविष्य से खेल रहा है अमेरिका”: रूस का आरोप
नेबेंज़िया ने अपने संबोधन में अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह अपने इज़राइली सहयोगी के हितों के लिए न केवल फिलिस्तीनी नागरिकों की मौतों को नज़रअंदाज़ कर रहा है, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा को दांव पर लगा रहा है।
“वॉशिंगटन यह स्पष्ट कर चुका है कि वह अपने साझेदार इज़राइल के हितों की खातिर न सिर्फ हजारों फिलिस्तीनियों की जानों की अनदेखी करेगा, बल्कि पूरी मानवता के भविष्य से भी खेलने को तैयार है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कदम के नतीजे बहुत भयावह हो सकते हैं और इसका कोई पूर्वानुमान संभव नहीं।
“मध्यस्थता के प्रस्ताव ठुकराए गए”: रूस
रूसी राजदूत ने कहा कि मॉस्को ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी समस्या को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए कई बार मध्यस्थता की पेशकश की थी, लेकिन अमेरिका ने हर बार उसे नजरअंदाज़ किया।
“हमने अमेरिका को कई बार आग्रहपूर्वक यह प्रस्ताव दिया कि दोनों पक्षों के बीच हम मध्यस्थ बन सकते हैं और इस मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान तलाश सकते हैं, लेकिन अमेरिका को कूटनीति में कोई रुचि नहीं है।”
“परिणामों की पूरी ज़िम्मेदारी अमेरिका पर”: रूस की चेतावनी
नेबेंज़िया ने चेताया कि यदि मौजूदा स्थिति पर लगाम नहीं लगाई गई, तो मध्य पूर्व बड़े पैमाने के युद्ध की ओर बढ़ सकता है, जिसका असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि पूरी वैश्विक सुरक्षा प्रणाली पर पड़ सकता है।
“अगर यह तनाव अभी नहीं रोका गया, तो दुनिया खुद को एक बड़े संघर्ष और संभवतः परमाणु तबाही के कगार पर पाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिकी नेतृत्व की होगी।”
“दोनों पक्ष हमले रोके और वार्ता में लौटें”: रूस का आह्वान
रूसी प्रतिनिधि ने अमेरिका और इज़राइल दोनों से तुरंत आक्रामक कार्रवाई रोकने की अपील की और सभी पक्षों से संयम बरतने व कूटनीतिक प्रक्रिया में लौटने का आग्रह किया।
“हम अमेरिका और इज़राइल से आक्रामक कार्रवाइयाँ तुरंत बंद करने और सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने की मांग करते हैं। वैश्विक कूटनीति और वार्ता की ओर लौटना ही एकमात्र रास्ता है।”
पृष्ठभूमि: ऑपरेशन मिडनाइट हैमर
रूस की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब अमेरिका ने हाल ही में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत ईरान के तीन प्रमुख परमाणु स्थलों — फोर्डो, नतांज़ और इस्फहान — पर बमबारी की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे “सैन्य दृष्टिकोण से जबरदस्त सफलता” करार दिया है।
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