Related Articles
छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट पेश होने से पहले सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में विधायक दल की अहम बैठक हुई। इस बैठक में तय किया गया कि प्रस्तावित मतांतरण विधेयक और धान खरीदी जैसे मुद्दों पर सरकार का विरोध किया जाएगा।
धान खरीदी और जनहित के मुद्दे प्रमुख
बैठक में धान खरीदी के दौरान किसानों से किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया गया। साथ ही कानून-व्यवस्था की स्थिति, मतदाता सूची से नाम कटने, खरीदी केंद्रों पर बोरा भराई और तौल के नाम पर अवैध वसूली, सड़कों के निर्माण में भ्रष्टाचार, उद्योगों द्वारा एनजीटी नियमों का उल्लंघन, बिजली दरों में बढ़ोतरी और पेसा कानून के पालन जैसे मुद्दों को सदन में उठाने की रणनीति बनाई गई।
विपक्ष की आक्रामक रणनीति
बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि बजट सत्र में जनहित के सभी मुद्दे जोरदार तरीके से उठाए जाएंगे। उन्होंने धान खरीदी में गड़बड़ी को बड़ा मुद्दा बताया और कहा कि ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई। बजट को लेकर उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे “दुर्गति वाला बजट” बताया।
मतांतरण विधेयक और विकास पर सवाल
मतांतरण विधेयक को लेकर सवाल उठाया गया कि जब मामला अदालत में चल रहा है, तो सरकार नया कानून क्यों ला रही है। माओवादी प्रभावित इलाकों में विकास को लेकर सरकार की नीति पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए। इन क्षेत्रों में विकास कार्यों की स्पष्ट योजना की मांग की गई।
बैठक में प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उप नेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल और पूर्व मंत्री कवासी लखमा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सदन में कवासी लखमा का स्वागत
विधानसभा पहुंचने पर कांग्रेस विधायकों ने कवासी लखमा का स्वागत किया। भाजपा विधायकों ने भी उनका अभिवादन किया। शराब घोटाले के मामले में वे करीब एक साल बाद अंतरिम जमानत पर रिहा हुए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें शर्तों के साथ सत्र में शामिल होने की अनुमति दी है।
राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया
बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई। विपक्ष ने कोई व्यवधान नहीं किया, जबकि सत्तापक्ष ने मेज थपथपाकर समर्थन जताया। धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा 25 फरवरी को होगी। अभिभाषण के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इसमें कोई नई घोषणा नहीं है और पुरानी योजनाओं को ही दोहराया गया है।
राज्यसभा को लेकर स्पष्टीकरण
राज्यसभा की संभावित दावेदारी पर भूपेश बघेल ने किसी भी तरह की अटकलों को खारिज किया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि राज्य से अपने ही नेता को भेजा जाएगा और इस पर सभी की सहमति से फैसला होगा।
CHANNEL009 Connects India
