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Bilaspur Nagar Nigam Budget (सरल भाषा में):
बिलासपुर नगर निगम की मेयर पूजा विधानी ने अपने कार्यकाल का पहला बजट मंगलवार को पेश किया। ये बजट 1089 करोड़ रुपये का है, जो पिछले बजट से 38 करोड़ ज्यादा है। बैठक देवकीनंदन दीक्षित सभागार में हुई और इसमें शहर की सबसे बड़ी समस्या “पानी” पर जमकर चर्चा हुई।
सभी पार्षदों ने पानी की समस्या उठाई
बैठक में भाजपा और कांग्रेस दोनों के पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड में पानी की किल्लत का मुद्दा उठाया। टैंकर, बोरवेल और नियमित जल आपूर्ति की मांग की गई। मेयर ने आश्वासन दिया कि सभी वार्डों को 1-1 लाख रुपये मरम्मत के लिए दिए जा रहे हैं, जिससे छोटी समस्याओं को जल्दी ठीक किया जा सके।
सवाल-जवाब का समय कम मिला
पार्षदों ने 60 सवाल लगाए थे लेकिन समय की कमी के कारण केवल 13 सवालों पर ही चर्चा हो सकी। पानी, सफाई, मवेशी, संपत्ति कर जैसी समस्याओं पर सवाल उठे। समय खत्म होने के बाद कुछ पार्षदों को अतिरिक्त समय दिया गया।
सीवरेज और मच्छरों को लेकर विवाद
कांग्रेस पार्षद भरत कश्यप ने सीवरेज प्रोजेक्ट की देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिलासपुर अब “खोदा पुर” बन गया है। इस पर भाजपा पार्षदों ने हंगामा किया। मच्छरों और फॉगिंग को लेकर भी पक्ष-विपक्ष आमने-सामने आ गए।
महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाएं
मेयर ने बजट में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट, और छात्रों के लिए नालंदा लाइब्रेरी जैसे कामों का ऐलान किया। सड़क सुधार और विकास कार्यों पर भी ध्यान देने की बात कही गई।
सदन में तकरार और हास्य भी
बैठक के दौरान कई बार हंगामा और तकरार देखने को मिली। कांग्रेस पार्षदों ने राज्य गीत गाने की मांग रखी। भाजपा पार्षद जय वाधवानी की एक टिप्पणी पर महिला पार्षदों ने आपत्ति जताई। सदन में कई बार हंसी-ठिठोली और तालियों की गूंज भी सुनाई दी।
बिना नेता प्रतिपक्ष के कांग्रेस की सक्रियता
बैठक में 18 कांग्रेस पार्षद मौजूद थे, लेकिन नेता प्रतिपक्ष नहीं आए। कांग्रेस पार्षद शहजादी कुरैशी ने अघोषित नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाते हुए कई सवाल उठाए।
निष्कर्ष:
बिलासपुर की नगर निगम बैठक में बजट के साथ-साथ शहर की बड़ी समस्याओं – पानी, सीवरेज और साफ-सफाई – पर जमकर बहस हुई। सभी ने अपने-अपने वार्ड की परेशानियां सामने रखीं, वहीं बजट में महिलाओं और छात्रों के लिए नई योजनाओं का ऐलान भी हुआ।
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