लंदन: एक बार फिर बोइंग ड्रीमलाइनर विमान से जुड़ी तकनीकी समस्या ने विमानन जगत में हलचल मचा दी है। ब्रिटिश एयरवेज की चेन्नई जा रही उड़ान को उड़ान के कुछ घंटों बाद तकनीकी खामी के कारण बीच रास्ते से हीथ्रो एयरपोर्ट वापस लाना पड़ा। विमान में सवार सभी यात्रियों और चालक दल को सुरक्षित उतार लिया गया।
✈️ मानक सावधानी के तहत लिया गया निर्णय
ब्रिटिश एयरवेज की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उड़ान के दौरान आई तकनीकी सूचना के आधार पर एहतियातन यह निर्णय लिया गया। हालांकि एयरलाइन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि विमान में कितने लोग सवार थे या वह कितने समय तक उड़ान में रहा।
Flightradar24 की रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान BA35, जो बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान थी, स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:40 बजे लंदन से रवाना हुई थी। इसे चेन्नई में तड़के 3:30 बजे लैंड करना था, लेकिन तकनीकी खामी के कारण विमान करीब दो घंटे बाद ही वापस लौट आया।
🛬 एयर इंडिया की घटना के बाद दूसरी बड़ी चेतावनी
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब कुछ ही दिन पहले एयर इंडिया के बोइंग ड्रीमलाइनर ने अहमदाबाद में लैंडिंग के दौरान बड़ी तकनीकी खराबी का सामना किया था। दोनों घटनाएं इस विमानों की विश्वसनीयता और सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर रही हैं।
⚠️ लुफ्थांसा की फ्लाइट में भी सुरक्षा अलर्ट
सिर्फ ब्रिटिश एयरवेज ही नहीं, जर्मनी से हैदराबाद आ रही लुफ्थांसा की उड़ान LH752 को भी वापस फ्रैंकफर्ट भेजना पड़ा। इस विमान को भी बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर संचालित कर रहा था। राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के सूत्रों के मुताबिक, उड़ान के भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश से पहले ही बम की धमकी का अलर्ट मिला, जिसके चलते फ्लाइट को तत्काल वापस भेजा गया।
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि यह निर्णय पूरी तरह एहतियातन था और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
🔍 बढ़ती घटनाएं और बोइंग की तकनीकी साख पर असर
लगातार सामने आ रहे इन घटनाक्रमों ने बोइंग ड्रीमलाइनर की तकनीकी विश्वसनीयता पर नए सिरे से चर्चा छेड़ दी है। पहले से ही कई देशों में बोइंग 737 MAX और अन्य मॉडल्स को लेकर जांचें जारी हैं, और अब ड्रीमलाइनर की समस्याओं ने विमानन कंपनियों और यात्रियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
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