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नई दिल्ली (नवनीत मिश्र):
अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का 787 ड्रीमलाइनर हादसे का शिकार हुआ। इसके बाद बोइंग कंपनी एक बार फिर विवादों में आ गई है।
एक साल में 120 शिकायतें, इंजीनियरों की चेतावनी
पिछले एक साल में अमेरिका की फेडरल एविएशन एजेंसी (FAA) को बोइंग विमानों की सुरक्षा को लेकर 120 से ज्यादा शिकायतें मिलीं। इनमें से अधिकतर शिकायतें कंपनी के ही इंजीनियरों ने दीं। कुछ इंजीनियरों को नौकरी से निकाल दिया गया, तो दो की संदिग्ध मौतें भी हुईं।
इंजीनियर की मांग – बोइंग के विमानों की उड़ान रोकें
सैम सलेहपोर, जो कई सालों से बोइंग में क्वालिटी इंजीनियर थे, उन्होंने कहा कि 787 और 777 मॉडल में निर्माण के दौरान गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। गलत तरीके से पुर्जे जोड़े गए और बड़े सुराख छोड़ दिए गए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में बोइंग विमानों की उड़ानें बंद की जानी चाहिए जब तक जांच पूरी न हो जाए।
400 से ज्यादा हादसे, 9 हजार लोगों की जान गई
इंटरनेशनल लॉ फर्म विस्नर बाम के अनुसार, अब तक बोइंग विमानों से 415 बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लगभग 9,000 लोगों की जान गई है।
सेफ्टी की पोल खोलने वाले इंजीनियरों की मौतें
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जॉन बार्नेट, जिन्होंने 787 ड्रीमलाइनर की ऑक्सीजन और हाइड्रोलिक सिस्टम में खामियां उजागर कीं, मार्च 2024 में संदिग्ध हालात में मृत पाए गए।
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जोशुआ डीन, जिन्होंने 737 मैक्स में खराबी की बात कही थी, मई 2024 में उनकी भी मौत हो गई।
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अन्य दो इंजीनियर रिचर्ड कुएवास और विंस वेल्डन को भी खामियां बताने पर नौकरी से निकाल दिया गया।
आपराधिक जुर्माना और माफी
2018 और 2019 में हुए दो बड़े विमान हादसों में 346 लोगों की मौत हुई। इसके बाद कंपनी ने 2.5 अरब डॉलर (करीब 20,000 करोड़ रुपये) की सजा भुगती, जिसमें 243.6 मिलियन डॉलर का आपराधिक जुर्माना भी शामिल था।
बोइंग के पूर्व CEO डेनिस मुइलेनबर्ग ने हादसों के लिए माफी भी मांगी थी और माना था कि 737 मैक्स के ऑटोमेटिक उड़ान सिस्टम में गड़बड़ी थी।
निष्कर्ष
बोइंग दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी विमान निर्माता कंपनी है, लेकिन लगातार हादसों और इंजीनियरों के आरोपों ने इसकी साख को बड़ा झटका दिया है। अब सवाल यह है कि क्या इन विमानों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई होगी या नहीं?
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