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भोपाल:
मिसरोद से बर्रई तक बनने वाली 45 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान रोड और उसके आसपास 300 मीटर के दायरे में नगर विकास योजना का काम फिर से शुरू हो गया है। यह काम करीब एक साल से किसानों की कुछ शर्तों की वजह से रुका हुआ था।
किसानों की शर्तें मानी गईं
भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने किसानों की मांगें मान ली हैं। अब किसानों से विकास शुल्क नहीं लिया जाएगा और उन्हें उनकी अपनी जमीन पर ही प्लॉट मिलेंगे। इसके बाद यहां सड़क और अन्य सुविधाओं का काम तेज़ी से किया जा रहा है।
विवाद क्यों हुआ था?
यह पूरा मामला लैंड पूलिंग के तहत था, जिसमें किसानों की जमीन ली जा रही थी। किसानों ने विकास शुल्क में छूट और अपनी ही जमीन पर प्लॉट की मांग की थी। अब बीडीए ने इन शर्तों को स्वीकार कर लिया है।
प्रमुख बातें एक नजर में:
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मिसरोद से जाटखेड़ी, बगली, कटारा और बर्रई तक का इलाका इस योजना से विकसित होगा।
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मुख्य सड़क के दोनों ओर 300-300 मीटर तक की जमीन विकसित की जाएगी।
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कुल 550 एकड़ का प्रोजेक्ट है, जिसमें 600 से ज्यादा किसान शामिल हैं।
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किसानों को बदले में 225 एकड़ विकसित प्लॉट दिए जाएंगे।
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बीडीए सड़क के साथ पानी, सीवेज और अन्य जरूरी सुविधाएं भी बनाएगा।
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बर्रई से आगे यह सड़क अयोध्या बायपास और अन्य क्षेत्रों को भी जोड़ेगी।
बीडीए के अधीक्षण यंत्री अरविंद मंडराई ने बताया कि अब काम शुरू हो चुका है और इसे तेज़ी से पूरा किया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र का विकास तेज़ होगा।
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