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बांसवाड़ा।
गर्मी के दिनों में बिजली की मांग बढ़ती है और कई बार अघोषित बिजली कटौती की समस्या सामने आती है। ऐसे में जब लोग बिजली विभाग को फोन करते हैं और अधिकारी फोन नहीं उठाते या जवाब नहीं देते, तो अब उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह चेतावनी राजस्थान सरकार के ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने दी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई अधिकारी उपभोक्ताओं की समस्या पर ध्यान नहीं देता या फोन नहीं उठाता, तो उस पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सज्जनगढ़ के अधिकारी पर एक्शन
मंगलवार को बांसवाड़ा दौरे पर पहुंचे मंत्री हीरालाल नागर ने बिजली विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान सज्जनगढ़ के एईएन अमित खन्ना की शिकायत सामने आई कि वे लोगों की समस्याएं नहीं सुनते। इस पर मंत्री ने उनसे जवाब मांगा और संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर उन्हें एपीओ (Awaiting Posting Orders) कर दिया।
क्या-क्या निर्देश दिए गए?
ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
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बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से की जाए।
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जीएसएस (गिरिड सब स्टेशन) की नियमित जांच हो।
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टेढ़ी-मेढ़ी बिजली लाइनों को दुरुस्त किया जाए।
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सिस्टम ओवरलोड न हो, इसके लिए जरूरी उपाय किए जाएं।
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कामों में गुणवत्ता और जिम्मेदारी बरती जाए।
बैठक में कौन-कौन रहा मौजूद?
इस बैठक में जिला प्रमुख रेशम मालवीया, गढ़ी विधायक कैलाश मीणा, भाजपा जिला अध्यक्ष पूंजीलाल गायरी और कई बिजली विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।
ऊर्जा मंत्री ने दोहराया कि मुख्यमंत्री का साफ निर्देश है कि गर्मी में सभी को पर्याप्त बिजली मिले और किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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