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राजस्थान: देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़, एनजीओ संचालिका समेत 4 गिरफ्तार

Rajasthan Crime News:
राजस्थान में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जो यूपी और बिहार से लड़कियों को लाकर जबरन उनकी शादी कराता था और देह व्यापार में धकेलता था। अब तक ये गिरोह करीब 1500 लड़कियों की जबरन शादी करवा चुका है। इस मामले में पुलिस ने एक एनजीओ चलाने वाली महिला समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।

कैसे हुआ खुलासा
बस्सी थाना क्षेत्र के रोहताशपुरा गोशाला के पास एक नाबालिग लड़की के होने की सूचना मिली। पुलिस ने लड़की को थाने बुलाकर पूछताछ की तो हैरान करने वाले राज खुले। लड़की ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश की रहने वाली है और उसे नौकरी का झांसा देकर जयपुर के सुजानपुरा गांव लाया गया। यहां गायत्री नाम की महिला “गायत्री सर्व समाज फाउंडेशन” नाम से एनजीओ चलाती है। इसी एनजीओ के जरिए लड़कियों की खरीद-फरोख्त करवाई जाती थी और उन्हें जबरन शादी के बहाने बेचकर देह व्यापार में धकेला जाता था।

नशीला पदार्थ पिलाकर जबरन शादी
लड़की ने बताया कि उसे कई दिनों तक बंदी बनाकर रखा गया और फिर नशीला पदार्थ पिलाकर 2.5 लाख रुपये में उसकी शादी कर दी गई। जब वह अपने परिवार को याद कर रोने लगी तो मौका पाकर भाग गई। लेकिन उसके तथाकथित पति ने उसे पकड़कर वापस गायत्री के डेरे में पहुंचा दिया, जहां उसे तीन दिन तक बंदी बनाकर रखा गया और मारपीट की गई।

दोबारा बेचने की तैयारी
नाबालिग ने बताया कि गायत्री उसे दोबारा बेचने की तैयारी कर रही थी और 3 लाख रुपए में सौदा तय कर दिया था। सौदा होते देख एक दूसरी महिला ने उसकी मदद की और उसे गोशाला में जाकर पुलिस को सूचना देने को कहा। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और कार्रवाई शुरू की।

गिरफ्तार हुए आरोपी
पुलिस ने सुजानपुरा में दबिश देकर इन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया:

  • गायत्री (52 वर्ष), निवासी प्रेम नगर, आगरा रोड, जयपुर

  • भगवान सहाय (27 वर्ष), निवासी मोतीपुरा, नसीराबाद, अजमेर

  • महेंद्र मेघवंशी (45 वर्ष), निवासी मोतीपुरा, नसीराबाद, अजमेर

  • हनुमान सिंह गुर्जर (32 वर्ष), निवासी गादरवाड़ा कोलवा, दौसा

फर्जी दस्तावेज बनाकर धोखाधड़ी
गिरोह लड़कियों के फर्जी दस्तावेज बनवाकर उन्हें बालिग और स्थानीय निवासी दिखाता था। पुलिस को डेरे से कई फर्जी दस्तावेज भी मिले हैं। एनजीओ के खिलाफ बस्सी, ट्रांसपोर्ट नगर और कानोता थानों में करीब तीन दर्जन मामले दर्ज हैं।

8 साल से चल रहा था धंधा
यह गिरोह पिछले 8 वर्षों से राजस्थान में सक्रिय था। यूपी, बंगाल, छत्तीसगढ़ और झारखंड के गरीब परिवारों को टारगेट कर लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर राजस्थान लाया जाता था और फिर शादी के नाम पर बेच दिया जाता था। गिरोह के सदस्यों के बीच कोड वर्ड में जबरन शादी करवाने वाले को “स्काउट” कहा जाता था।

पीड़िता की आपबीती
एक अन्य पीड़िता ने बताया कि वह बंगाल में छोटे-मोटे काम और भीख मांगकर गुजारा करती थी। एक एजेंट उसे 20 हजार रुपये महीने की नौकरी का लालच देकर राजस्थान ले आया और फिर गायत्री को बेच दिया। उसे करीब एक साल तक डेरे से बाहर भी नहीं जाने दिया गया, जिससे उसकी मानसिक स्थिति भी खराब हो गई।


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