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सीकर जिले में परिवहन विभाग ने 95.38 प्रतिशत राजस्व अर्जन के साथ पहला स्थान हासिल किया है। विभाग ने 264.07 करोड़ रुपए के लक्ष्य में से 218.29 करोड़ रुपए का राजस्व कमाया। यह राजस्व मुख्य रूप से भारी वाहनों, नए वाहनों पर टैक्स, फिटनेस, चालान, लाइसेंस नवीनीकरण, दूसरे राज्यों के वाहनों के रजिस्ट्रेशन और वाहन नंबर बदलने जैसी गतिविधियों से मिला है।
खनिज विभाग दूसरे और आबकारी विभाग तीसरे स्थान पर
खनिज विभाग ने 95.28 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करते हुए 202.88 करोड़ के मुकाबले 155.69 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया। वहीं, आबकारी विभाग 83.48 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। आबकारी विभाग का वार्षिक लक्ष्य 707.66 करोड़ रुपए था, जिसमें से केवल 522.79 करोड़ रुपए ही जुटाए जा सके।
राजस्व वसूली में आबकारी विभाग पिछड़ा
आबकारी विभाग अब भी कोरोना काल के नुकसान से उबर नहीं पाया है। कई शराब ठेकेदारों पर लाखों रुपए बकाया हैं, जिनकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू तो हुई है, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।
नीमकाथाना से सबसे ज्यादा खनिज राजस्व
खनिज विभाग को अधिकतर राजस्व नीमकाथाना क्षेत्र से मिला, जहां मिनरल, लोहे का अयस्क, टाइल्स के पत्थर जैसी खनिज संपदा भरपूर मात्रा में है।
स्टांप ड्यूटी से सबसे कम राजस्व
रजिस्ट्रेशन और स्टांप ड्यूटी विभाग का प्रदर्शन अन्य विभागों की तुलना में सबसे कमजोर रहा। 217.42 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले केवल 176.25 करोड़ रुपए यानी 77.29 प्रतिशत ही वसूली हो सकी।
वाहनों के चालान से भी बढ़ा राजस्व
डीटीओ ताराचंद बंजारा ने बताया कि परिवहन विभाग ने 14412 वाहनों का चालान कर 9.89 करोड़ रुपए और 1719 ओवरलोड वाहनों का चालान कर 3.73 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया। इसके अलावा 319 ओवरलोड वाहनों के रजिस्ट्रेशन भी निलंबित किए गए।
मार्च माह में विभागों का राजस्व
मार्च 2025 में आबकारी विभाग ने 67.88 करोड़, परिवहन विभाग ने 33.59 करोड़, खनिज विभाग ने 37.61 करोड़, रजिस्ट्रेशन और स्टांप विभाग ने 21.90 करोड़ और कॉमर्शियल टैक्स विभाग ने 19.84 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया।
कुल मिलाकर जिले में राजस्व वसूली अच्छी रही, लेकिन आबकारी और स्टांप ड्यूटी विभागों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने की जरूरत है।
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