टोक्यो: जापान के दक्षिणी हिस्से में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने कडेना एयरबेस पर एक अचानक हुए विस्फोट से हड़कंप मच गया। इस धमाके में चार सैनिक घायल हो गए हैं। यह घटना ओकिनावा द्वीप के पास सोमवार को हुई, जब जवान एक सैन्य गोदाम में ड्यूटी कर रहे थे।
भंडारण स्थल पर हुआ विस्फोट
स्थानीय प्रशासन और सेना के अधिकारियों ने बताया कि यह विस्फोट उस समय हुआ जब विशेषज्ञ जवान एक ऐसे भंडारण क्षेत्र में काम कर रहे थे, जहां अप्रयुक्त और निष्क्रिय बम जमा किए गए थे। इसी दौरान एक विस्फोट हुआ, जिसकी चपेट में आकर चार सैनिक घायल हो गए।
कैसी हैं सैनिकों की हालत?
रक्षा सूत्रों के मुताबिक, घायल हुए जवानों को हाथ और उंगलियों में चोटें आई हैं। उनकी हालत स्थिर है और किसी के जीवन को फिलहाल खतरा नहीं बताया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यह एक सीमित विस्फोट था, लेकिन इसे पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है।
क्या कहा अधिकारियों ने?
कडेना बेस के प्रवक्ता ने बताया, “धमाका ओकिनावा में बम निस्तारण के एक नियमित कार्य के दौरान हुआ। यह अब नियंत्रण में है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल क्षेत्र को सुरक्षित घोषित कर दिया गया है।”
जापान में युद्धकालीन बम क्यों मिलते रहते हैं?
गौरतलब है कि जापान में अब भी द्वितीय विश्व युद्ध के समय के अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस (UXO) — यानी बिना फटे बम — समय-समय पर मिलते रहते हैं। कई बार निर्माण या खुदाई के दौरान ये बम सामने आते हैं और गंभीर खतरा बन जाते हैं। इसी तरह की एक घटना पिछले वर्ष अक्टूबर में हुई थी जब दक्षिण जापान के एक हवाई अड्डे के पास एक पुराना अमेरिकी बम फट गया था।
निष्कर्ष:
इस घटना ने एक बार फिर जापान में मौजूद पुराने युद्धकालीन हथियारों और उनके सुरक्षित निस्तारण की चुनौती को उजागर किया है। फिलहाल राहत की बात यह है कि कोई गंभीर हताहत नहीं हुआ, लेकिन इस तरह की घटनाएं भविष्य में और भी सतर्कता की माँग करती हैं।
CHANNEL009 Connects India
