Breaking News

हिमाचल: वोकेशनल शिक्षकों का हल्ला बोल, शिमला में धरना

सार:
वेतन एरियर नहीं मिलने और निजी कंपनियों को बाहर करने की मांग को लेकर 2400 व्यावसायिक शिक्षक सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।

विस्तार:
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा बंद हो गई है। वेतन एरियर नहीं मिलने और निजी कंपनियों को हटाने की मांग के चलते 2400 व्यावसायिक शिक्षक सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। ये शिक्षक तब तक हड़ताल पर रहेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं।

सोमवार को, वोकेशनल शिक्षक संघ के बैनर तले, इन शिक्षकों ने शिमला के चौड़ा मैदान में धरना दिया। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और स्थायी नीति की मांग की। मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश के 1100 से अधिक सरकारी स्कूलों में सोमवार को वोकेशनल शिक्षा का कोई पाठ नहीं हुआ।

वोकेशनल शिक्षकों ने निजी कंपनियों को हटाने और समय पर वेतन देने की मांग की। दिवाली पर भी वेतन एरियर न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई।

वोकेशनल शिक्षक संघ के अध्यक्ष अश्वनी डटवालिया ने बताया कि सरकारी स्कूलों में 2013 से 9वीं से 12वीं कक्षा तक वोकेशनल शिक्षा दी जा रही है। इन पाठ्यक्रमों में 80,000 से ज्यादा छात्र पंजीकृत हैं। वोकेशनल शिक्षकों की नियुक्ति निजी कंपनियों के माध्यम से की गई है।

उन्होंने बताया कि कई कंपनियों ने दिवाली पर भी उनका एरियर नहीं दिया, जबकि शिक्षा निदेशक ने 5 अक्टूबर को आदेश दिया था कि 20 अक्टूबर तक सभी वोकेशनल शिक्षकों को वेतन का एरियर दिया जाए।

कुछ कंपनियों ने एक-दो महीने का ही एरियर दिया है, जबकि शिक्षा निदेशक ने छह महीने का एरियर एकमुश्त देने का कहा था। संघ के अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने सभी कर्मचारियों को दिवाली के चलते 28 अक्टूबर को वेतन का भुगतान किया है, लेकिन वोकेशनल शिक्षकों को अभी तक अक्टूबर का वेतन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

About admin

Check Also

विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। भारत सरकार की ओर से हर साल 125 स्कॉलरशिप दी जाती हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को विदेश में उच्च शिक्षा का मौका मिल सके। यह स्कॉलरशिप खासतौर पर उन छात्रों के लिए है जो पढ़ाई में अच्छे हैं लेकिन आर्थिक कारणों की वजह से विदेश नहीं जा पाते। 👉 क्या है यह स्कॉलरशिप? इस योजना को National Overseas Scholarship (NOS) कहा जाता है, जिसे सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय संचालित करता है। 📌 कौन कर सकता है आवेदन? कम से कम 60% अंक जरूरी उम्र 35 साल से कम परिवार की सालाना आय ₹8 लाख से कम SC, ST, Nomadic Tribes और अन्य पिछड़े वर्ग के छात्र पात्र 📌 क्या-क्या मिलेगा? पूरी ट्यूशन फीस रहने के लिए सालाना भत्ता यात्रा खर्च (हवाई टिकट) वीजा और मेडिकल खर्च 👉 यानी छात्रों को लगभग पूरा खर्च सरकार उठाती है, जिससे वे बिना आर्थिक दबाव के पढ़ाई कर सकें। 📌 कैसे करें आवेदन? आधिकारिक वेबसाइट: nosmsje.gov.in ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे 📌 सीटों का बंटवारा कुल 125 स्कॉलरशिप 115 SC छात्रों के लिए 30% सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व 👉 निष्कर्ष: अगर आप विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन पैसे की समस्या है, तो यह स्कॉलरशिप आपके लिए बड़ा मौका साबित हो सकती है।

विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। भारत सरकार …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Channel 009
help Chat?