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साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट के मामले बढ़े साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों को देखते हुए आरबीआई, वित्त मंत्रालय और होम अफेयर्स मिलकर काम कर रहे हैं। अब, यदि कोई शिकायत दर्ज होती है, तो कार्रवाई 24 घंटे के अंदर की जाएगी। क्रिमिनल अब और स्मार्ट हो गए हैं, और वे बैंक बंद होने के दौरान फ्रॉड करते हैं। इसी समस्या को हल करने के लिए सरकार ने एक नई व्यवस्था लागू की है, जिससे किसी भी दिन, किसी भी समय शिकायत दर्ज की जा सके और तुरंत कार्रवाई हो सके।
गोल्डन ऑवर में कार्रवाई साइबर अपराधों में ‘गोल्डन ऑवर’ (पहले घंटे) की अहमियत होती है, जब शिकायत मिलने पर हम अपराधी के पैसे को फ्रीज कर सकते हैं। यह जानकारी वित्त मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव विवेक अग्रवाल ने दी, जब उन्होंने यूरेशियन समूह की 41वीं बैठक की मेज़बानी की।
पैन कार्ड 2.0 और अन्य सुधार अग्रवाल ने बताया कि पैन कार्ड 2.0 लॉन्च किया गया है, जो अब बिजनेस के लिए एक सिंगल आइडेंटिफायर होगा। इससे फर्जी कंपनियों की पहचान और जांच की जा सकेगी।
मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग पर नियंत्रण अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने जन-धन खाते खोले और उन्हें आधार से लिंक किया, जिससे बैंकिंग सिस्टम में लेन-देन को ट्रैक किया जा सके। इससे मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग में कमी आई है।
क्रिप्टो करंसी पर नजर क्रिप्टो करंसी के माध्यम से टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। इन मामलों की जांच की जा रही है और एआई की मदद से फर्जी इन्वेस्टमेंट मामलों की पहचान की जा रही है।
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