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पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 ने रफ्तार पकड़ ली है। नामांकन के आखिरी दिन विश्वविद्यालय परिसर में भारी भीड़, जुलूस और नारेबाजी देखने को मिली। सेंट्रल पैनल और कॉलेज काउंसलर पदों को मिलाकर 100 से ज्यादा उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है।
अशोक राजपथ का इलाका दिनभर चुनावी माहौल से गरम रहा। समर्थकों के साथ उम्मीदवार शक्ति प्रदर्शन करते नजर आए। 28 फरवरी को मतदान होगा और उसी दिन शाम 4:30 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी।
सेंट्रल पैनल और काउंसलर पद के लिए नामांकन
निर्वाचन पदाधिकारी के अनुसार:
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सेंट्रल पैनल के लिए 50 उम्मीदवार
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कॉलेज काउंसलर के लिए 54 उम्मीदवार
सेंट्रल पैनल में कुल पद और उम्मीदवारों की संख्या:
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अध्यक्ष – 16
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उपाध्यक्ष – 9
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महासचिव – 9
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कोषाध्यक्ष – 8
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संयुक्त सचिव – 8
नामांकन पत्रों की जांच के बाद वैध उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी। 20 फरवरी को आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा और 21 फरवरी को अंतिम सूची जारी होगी।
अध्यक्ष पद की सबसे बड़ी लड़ाई
इस बार सबसे ज्यादा चर्चा अध्यक्ष पद को लेकर है। मुख्य मुकाबला ABVP और छात्र जदयू के बीच माना जा रहा है।
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अनुष्का कुमारी (पटना वीमेंस कॉलेज) – ABVP प्रत्याशी
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प्रिंस कुमार (पटना लॉ कॉलेज) – छात्र जदयू प्रत्याशी
ABVP ने महिला उम्मीदवार उतारकर वीमेंस कॉलेज के वोट बैंक पर ध्यान दिया है। वहीं छात्र जदयू ने लॉ कॉलेज के सक्रिय छात्र नेता प्रिंस कुमार को मैदान में उतारा है।
इसके अलावा:
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सबा आफरीन (अंग्रेजी विभाग) – आइसा
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दिव्या कुमारी – AIDSO
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अन्य कई विभागों से भी उम्मीदवार मैदान में हैं
हालांकि मुख्य टक्कर अनुष्का और प्रिंस के बीच मानी जा रही है।
छात्र संगठनों के प्रमुख मुद्दे
इस बार चुनाव में मुद्दा आधारित प्रचार देखने को मिल रहा है। प्रमुख मुद्दे हैं:
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हॉस्टल की सुविधाएं
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लाइब्रेरी का समय
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परीक्षा परिणाम में देरी
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प्लेसमेंट सेल की सक्रियता
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महिला सुरक्षा
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कैंपस में बाहरी हस्तक्षेप
नामांकन के दौरान विवाद
नामांकन के दिन कई उम्मीदवार गाड़ियों के लंबे काफिले और समर्थकों के साथ पहुंचे। कुछ संगठनों ने सादगी से पैदल मार्च किया।
एक छात्र संगठन के अंदर ही अध्यक्ष पद के लिए तीन उम्मीदवारों ने पर्चा भर दिया, जिससे समर्थकों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया।
पुलिस की सख्ती
चुनाव को शांतिपूर्ण कराने के लिए पुलिस ने छात्रावासों में छापेमारी की। कुछ छात्रों को नशे की हालत में पकड़ा गया। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महिला कॉलेज परिसर में नारेबाजी की घटना की भी जांच चल रही है। दोषी पाए जाने पर नामांकन रद्द करने की चेतावनी दी गई है।
चुनावी गणित क्या कहता है?
पिछले चुनावों में लॉ कॉलेज, साइंस कॉलेज और वीमेंस कॉलेज का वोट निर्णायक रहा है। इस बार महिला मतदाताओं की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।
अब सबकी नजर 28 फरवरी को होने वाले मतदान पर है, जहां तय होगा कि इस बार छात्रसंघ की कमान किसके हाथ में जाएगी।
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