सियोल। उत्तर कोरिया ने एक बार फिर क्षेत्र में तनाव बढ़ाते हुए गुरुवार सुबह अपने पूर्वी समुद्री इलाके की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। दक्षिण कोरिया की सेना ने इस पुष्टि के साथ बताया कि यह परीक्षण वॉनसन क्षेत्र से सुबह 8:10 बजे से 9:20 बजे के बीच किया गया। इन मिसाइलों की अधिकतम रेंज लगभग 800 किलोमीटर तक आंकी गई है।
मिसाइल परीक्षण का उद्देश्य क्या था?
दक्षिण कोरिया के ‘ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ’ के अनुसार, इन प्रक्षेपणों का मकसद संभवतः उन हथियार प्रणालियों का परीक्षण करना था जिन्हें उत्तर कोरिया रूस को निर्यात करने की योजना बना रहा है। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि उत्तर कोरिया यूक्रेन संघर्ष में रूस की सहायता कर रहा है—न सिर्फ हथियारों के जरिए, बल्कि कथित तौर पर सैन्य कर्मियों की तैनाती के साथ भी।
जापान ने दर्ज कराई सख्त आपत्ति
जापान के रक्षा मंत्री जनरल नकातानी ने बताया कि कोई भी मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में नहीं गिरी और क्षेत्रीय नौवहन या विमानन को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। बावजूद इसके, जापानी सरकार ने बीजिंग स्थित उत्तर कोरियाई दूतावास के माध्यम से इन कार्रवाइयों के खिलाफ ‘कड़ा विरोध और तीव्र निंदा’ दर्ज कराई है।
इस साल छठी बार मिसाइल परीक्षण
गौरतलब है कि यह उत्तर कोरिया द्वारा इस वर्ष किया गया छठा ज्ञात मिसाइल परीक्षण है। पिछली बार 10 मार्च को ऐसे ही मिसाइल परीक्षण हुए थे, जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने अपना वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया था।
किम जोंग उन की आक्रामक रणनीति
उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को लेकर तेजी से आक्रामक रणनीति अपना रहे हैं। हाल के महीनों में इस कारण कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ा है।
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